घटिया नाला निर्माण को लेकर लोगों का फूटा गुस्सा

जेईएन पर मिलीभगत के आरोप लगा, विधायक से की शिकायत
सुरेश बागड़ी की रिपोर्ट
www.daylifenews.in
मण्डावर (दौसा)। नगर पालिका मण्डावर की ओर से शहर के थौबड़ी चौराहे से अनाज मंडी तक कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य में घटिया सामग्री ओर गुणवत्ता को लेकर विवाद फिर गहरा गया है। निर्माण में घटिया सामग्री उपयोग करने के आरोपों से नाराज लोगों ने मंगलवार को निर्माणाधीन नाले पर विरोध प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। लोगों ने महुवा विधायक राजेंद्र मीणा से भी मोबाईल पर शिकायत कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। ओर कार्य की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि नाले का निर्माण मानकों के विपरीत किया जा रहा है। निर्माण के दौरान फर्मे हटाते ही दीवारों से मसाला झड़ रहा है तथा कई स्थानों पर सरिए तक दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि नाले में पर्याप्त मात्रा में सरिए नहीं लगाए गए हैं। घटिया बजरी और कम मात्रा में सीमेंट होने से निर्माण की गुणवत्ता भी बेहद खराब है। ऐसे में यह नाला आने वाले मानसून की भेट चढ़ने की संभावनाएं है।
शिकायत मिलने पर विधायक राजेंद्र मीणा ने नगर पालिका के अधिकारियों को निर्माण कार्य रुकवाने के निर्देश दिए। जिसके बाद कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) मिथलेश मौके पर पहुंचीं और निर्माण कार्य बंद करवाया। हालांकि कॉलोनीवासियों का आरोप है कि करीब एक घंटे बाद ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू करवा दिया गया, जबकि न तो मौके पर किसी प्रकार की तकनीकी जांच की गई और न ही गुणवत्ता संबंधी शिकायतों का समाधान किया गया।
स्थानीय लोगों ने जेईएन और संवेदक के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उनका कहना है कि निर्माण की खामियां सामने आने के बाद उन्हें सुधारने के बजाय छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों के अनुसार फर्मा हटते ही दीवारों में दिखाई देने वाली दरारों को मसाला भरकर ढंका जा रहा है और बाहर निकले सरियों को काटकर लिपापोती की जा रही है ताकि निर्माण की वास्तविक स्थिति सामने न आ सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि संवेदक ने विशेष रूप से मजदूरों और मिस्त्रियों को निर्माण में उभर रही कमियों को तुरंत छिपाने के लिए लगाया हुआ है। यदि निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होता तो शुरुआती चरण में ही दीवारों में दरारें नहीं आतीं और मसाला भी नहीं झड़ता।
लोगों ने आरोप लगाया कि पिछले करीब पन्द्रह दिनों से वे लगातार इस मामले की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी जांच नहीं हुई है। इससे क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि लाखों रुपए की लागत से तैयार हो रहा यह नाला टिकाऊ नहीं होगा और सरकारी धन की बर्बादी साबित हो रही है।
प्रदर्शनकारियों ने विधायक राजेंद्र, जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने, उपयोग की जा रही सामग्री के नमूने जांचने तथा दोषी अधिकारियों और संवेदक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने निर्माण कार्य को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार दोबारा कराने की मांग भी उठाई है।

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