प्राचार्य हाजी इशाक का हज से लौटने पर स्वागत

बड़े ही ख़ुश नसीब है जो ख़ुदा के घर का दीदार करके आते है – एडवोकेट तनवीर खान
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चितोड़गढ़। इस्लाम के पवित्र अरकान हज की पवित्र यात्रा मक्का-मदीना से हज यात्रा पूरी कर अपने वतन हिंदुस्तान लौट कर आने पर चितोड़गढ़ के प्रसिद्ध शिक्षाविद प्राचार्य हाजी मुहम्मद इशाक साहब उनकी पत्नी रहमत बानो ओर बेटी अनिसा बानो का चितोड़गढ़ मे जनाब मुहम्मद हनीफ खान साहब,,एडवोकेट तनवीर खान और परिवार स्वागत किया
इस दौरान बूंदी रोड स्थित दरगाह शरीफ गैबी पीर साहब(गाजी बादशाह) र. अ. में जनाब हाजी मुहम्मद इशाक साहब ने अल्लाह और उनके रसूल हजरत मुहम्मद मुस्तफा स. अ. व. को शुक्रा अदा करने की नियत से दावत का कार्यक्रम किया जहा मुस्लिम समाज के गणमान्य व्यक्ति इशाक साहब के परिवारजन,रिश्तेदार माला पहनाकर और पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।
तनवीर खान एडवोकेट ने कहा कि हज यात्रा हर किसी के नसीब में नहीं होती और यह अल्लाह की विशेष कृपा का प्रतीक है। खान ने हाजी इशाक साहब को सपरिवार सफल हज यात्रा पूरी कर के आने पर शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना की।
हाजी इशाक ने बताया कि उन्होंने मक्का-मदीना में हज की सभी रस्में अदा कीं। इस दौरान उन्होंने देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगी। उन्होंने कहा कि भारत निरंतर तरक्की करे, सभी लोग स्वस्थ एवं सुरक्षित रहें और भारत देश विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहे, यही उनकी अल्लाह से दुआ रही। स्वागत समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने हाजी इशाक को हज यात्रा की मुबारकबाद देते हुए उनके अनुभव भी सुने।
हाजी इशाक साहब ने कहा कि मक्का मदीना व वहा की सुरीली दिलकश अज़ान की आवाज़ का मंज़र अभी आँखों के सामने घूम रहा है वहा से आने का मन ही नहीं करता है बार बार वापस जाने का दिल करता है वहा पर इतना सुकून मिलता है कि गम दुःख दर्द या टेंशन जम जम पीकर इबादत करतें ही छू मंत्र हो जाते है। अल्लाह के दरबार में जाने बीमार तंदरुस्त हो जाते है मायूस लोगों के दिल व दिमाग़ व चेहरे खिलखिलाते ख़ुशनुमा होकर बे फ़िक्र हो जाते है।

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