
लेखिका : लता अग्रवाल
चित्तौड़गढ़, (राजस्थान)
www.daylifenews.in
बढ़ती कीमतों के बीच चुनौतियां, महंगाई, तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में शामिल है लेकिन महंगाई एक बड़ी चिंता बनी हुई है।
भारतीय रिजर्व बैंक का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता, भू राजनीतिक तनाव और मौसम से जुड़ी चुनौतियों महंगाई को प्रभावित कर सकती है। ।
इसका सीधा असर मध्यम वर्ग और निम्न वर्ग की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है खाने पीने का सामान, सोई गैस, पेट्रोल डीजल और दूसरी जरूर चीजों की कीमत बढ़ती है। इन लोगों पर बजट का बोझ बढ़ जाता है।
ऐसी परिस्थितियों में आरबीआई की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। क्योंकि उसे मूल्य स्थिरता बनाए रखते हुए आर्थिक विकास के बीच भी संतुलन साधना होता है।
विशेषज्ञों का मानना है अगर वैश्विक परिस्थितियों स्थिर रहती है। और कृषि उत्पादन अच्छा रहता है तो महंगाई को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
इसमें सरकार, आरबीआई, उद्योग और आम जनता की भूमिका मायने रखती है। समझदारी से आर्थिक फैसला संतुलित नीतियां और उत्पादन में वृद्धि देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर और मजबूत बना सकती है। महंगाई पर नियंत्रण के साथ-साथ आम लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार हो सके। (लेखिका के अपने विचार हैं)