रिन्यू ने कथक गुरु शोवना नारायण के साथ की साझेदारी

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नई दिल्ली। भारत की प्रमुख क्लीन एनर्जी और डीकार्बोनाइज़ेशन कंपनी रिन्यू ने भारत की जानी-मानी कथक कलाकार पद्मा श्री गुरु डॉ. शोवना नारायण के साथ मिलकर ‘फ्रैक्चर्ड हारमनीज़: अ कॉल फॉर रिन्यूअल’ (Fractured Harmonies: A Call for Renewal) पेश किया है। यह प्रकृति के साथ इंसान के रिश्ते और धरती के प्रति हमारी साझा ज़िम्मेदारी की एक प्रभावशाली कलात्मक प्रस्तुति है।
गुरुवार, 10 सितंबर को नई दिल्ली के कमानी ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में शास्त्रीय नृत्य, संगीत और विज़ुअल स्टोरीटेलिंग के ज़रिए पर्यावरण से जुड़ी गंभीर चुनौतियों — जैसे नदियों और जंगलों का नुकसान और पृथ्वी से परे इंसानों का बढ़ता दायरा — को दिखाया गया। इस शाम भारत में UN के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर, स्टीफन प्रीसनर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए।
यह पहल स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर चर्चा को बढ़ावा देने की रिन्यू के संकल्प को दर्शाती है। इस कोशिश के केंद्र में रिन्यू का कैंपेन ‘क्लीन एनर्जी हमसे है’ (Clean Energy Humse Hai) है, जो पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को हर भारतीय के लिए निजी और ज़रूरी बनाता है। यह कैंपेन इस सोच पर आधारित है कि स्वच्छ ऊर्जा सिर्फ़ टेक्नोलॉजी या नीतियों के बारे में नहीं है, बल्कि हम सभी से जुड़ी है।
गुरु डॉ. शोवना नारायण और उनकी ‘असावरी रिपर्टरी’ द्वारा तैयार किया गया ‘फ्रैक्चर्ड हारमनीज़’ चार हिस्सों में पेश किया गया — जिसमें प्रदूषित नदियों और समुद्रों, पेड़ों की कटाई और समुदायों पर इसके असर, अंतरिक्ष में इंसानों की बढ़ती मौजूदगी और अंतरिक्ष के कचरे (space debris) की चुनौती को दिखाया गया। यह प्रस्तुति ‘नेचर की हारमनी को बहाल करने’ (Restoring Nature’s Harmony) के संदेश के साथ खत्म हुई — जो जागरूकता से सामूहिक कार्रवाई की ओर बढ़ने का आह्वान है।
यह प्रस्तुति कथक के माध्यम से सूरज, हवा और पानी की पुनर्जीवित करने वाली ताकतों को दर्शाती है और एक नई शुरुआत की संभावना पर विचार करने पर मजबूर करती है।
इस मौके पर रिन्यू की को-फ़ाउंडर वैशाली निगम सिन्हा ने कहा: “क्लीन एनर्जी हमसे है’ का मकसद यह समझना है कि साफ़-सुथरे भविष्य की ओर बढ़ना किसी और की ज़िम्मेदारी नहीं है — यह हम सबकी ज़िम्मेदारी है। कला में हमें रुकने, सोचने और महसूस करने की अनोखी क्षमता होती है। गुरु डॉ. शोवना नारायण के साथ हमारा सहयोग इस संदेश को एक नए और असरदार तरीके से सामने लाता है।”
उन्होंने आगे कहा: “’फ्रैक्चर्ड हारमनीज़’ हमें याद दिलाता है कि आज हम जो फ़ैसले लेते हैं, उनका असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ता है। लेकिन यह हमें यह भी याद दिलाता है कि बदलाव और सुधार मुमकिन है। जब हम अपनी साझा ज़िम्मेदारी को समझते हैं और मिलकर काम करते हैं, तो हम संतुलन फिर से बना सकते हैं।”
गुरु शोवना नारायण ने भी इस प्रस्तुति पर अपने विचार साझा किये और कहा, “’फ्रैक्चर्ड हारमनीज़’ मेरे दिल के बहुत करीब है। डांस के ज़रिए हमने अपने समय के कुछ सबसे अहम मुद्दों से जुड़ने की कोशिश की है। यह प्रोडक्शन न सिर्फ़ उन चीज़ों को मानता है जो खो रही हैं, बल्कि यह नई शुरुआत और संतुलन बहाल करने की हमारी साझा क्षमता पर भी ध्यान देता है।”

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