
शैलेश माथुर की रिपोर्ट
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सांभरझील। प्रदेश के मुखिया भजनलाल शर्मा आमजन को हर सुविधा और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। ऐसा ही एक नया प्रयोग राजस्थान की अनेक नगरपालिकाओं में भी किया जाना बताया गया है, जहां डोर टू डोर कच्चा संग्रहण वाहन में चालक के साथ एक हेल्पर को नियुक्त किया गया है। सांभर नगर पालिका में 25 वार्डों के लिए बताया जा रहा है की पांच कचरा संग्रहण वाहन है जो अपने-अपने रूट पर निर्धारित समय अनुसार संचालित की जा रही है। अब तक लोगों को इस बारे में अधिकांश को पता नहीं था कि इस गाड़ी में यह हेल्पर क्यों बैठा है। पता होता भी कैसे क्योंकि नगर पालिका ने अपने स्तर पर न तो उसका प्रचार प्रसार किया था और न ही लोगों को यह बताया था कि गाड़ी में हेल्पर “मोजी” खाने के लिए नहीं बैठा है बल्कि उन लोगों की मदद करने के लिए है जो गली से सड़क तक कचरा लाकर गाड़ी में डाल सकने में दिक्कत महसूस करते हैं, जैसे बुजुर्ग महिला, पुरुष या अन्य और कोई कारण भी हो सकता है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए उस हेल्पर का पहला काम तो यह है की जैसे ही गाड़ी गली के आगे रुके वह तुरंत कमांडो की तरह नीचे उतर जाए, और जो लोग कचरा डालने आ रहे हैं अगर भारी तादाद में ज्यादा है तो उनकी मदद करके कचरे को गाड़ी में डालें। अब यह महाशय तो बताया जा रहा है कि वहीं उतरते हैं जहां इसको अच्छा लगता है या फिर प्रभावशाली लोगों को देखकर खुद भी उतरकर वहां से कचरा लाकर गाड़ी में डाल देता है। इस हेल्पर का यह भी काम है की गाड़ी जरूरत से ज्यादा कचरे से भर गई है तो उसको दबा दबा के नीचे कर दे ताकि कचरा सड़क पर नहीं गिरे। सफाई निरीक्षक विनोद कुमार पारीक से बात की गई तो बताते हैं कि भाई साहब मुझे तो कई बार शिकायत मिली थी तो मैंने तो धमका भी दिया था उसके बाद में कुछ सुधार भी हुआ है, फिर भी यदि कोई परेशानी है और शिकायत मिलेगी तो फिर इस मामले में एक्शन लिया जाएगा और जरूरत पड़ी तो किसी दूसरे हेल्पर को ड्यूटी पर लगा भी दिया जाएगा। सफाई निरीक्षक विनोद पारीक यह भी बताते हे कि कुछ दुकानदार रात को कचरा बाहर पटक जाते हैं, उसकी मेरे पास फोटो भी है। समझाइश कै बाद भी यदि दोबारा इस प्रकार से कोई गलती करेगा, तो ऐसे दुकानदारों के खिलाफ पता लगाकर कौन है, नगर पालिका एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।