

निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
सुरेश बागड़ी की रिपोर्ट
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मण्डावर (दौसा)। नगरपालिका क्षेत्र में सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। वार्ड नंबर 4 में हाल ही में बनी सड़क बनने के अगले ही दिन जगह-जगह से टूटने और उसमें बड़ी-बड़ी दरारें आने का मामला सामने आया है। नई सड़क की यह स्थिति देखकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। वार्डवासियों ने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल करने और जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी के बिना काम कराने के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण के अगले ही दिन सड़क की हालत खराब होने लगे तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उसकी निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता मानकों की पालना नहीं की जा रही है। आरोप है कि निर्माण के दौरान सीमेंट की कम मात्रा, घटिया बजरी और अन्य निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिससे सड़क की मजबूती प्रभावित हुई है। हालांकि, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और सड़क क्षतिग्रस्त होने के वास्तविक कारणों की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी। वार्डवासियों ने नगरपालिका प्रशासन से पूरे मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है।
लाखों की लागत से बनी सड़क की मजबूती पर सवाल
वार्ड नंबर 4 में नवनिर्मित सड़क पर दरारें आने से सरकारी राशि के उपयोग को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण पर लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, ताकि आमजन को लंबे समय तक बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके। इसके बावजूद यदि सड़क निर्माण के तुरंत बाद ही टूटने लगे तो जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। यदि समय रहते निर्माण सामग्री की जांच और काम की निगरानी की जाती तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था। वार्डवासियों ने कहा कि सड़क निर्माण में केवल काम पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी मजबूती और टिकाऊपन सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
निगरानी के अभाव में निर्माण कार्य पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के दौरान संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मचारियों की ओर से नियमित निगरानी नहीं की गई। निर्माण कार्य में निर्धारित मापदंडों की पालना हुई या नहीं, इसकी जांच होना जरूरी है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण के समय ही गुणवत्ता की जांच की जाती तो सड़क की स्थिति का पता लगाया जा सकता था।
वार्डवासियों ने मांग की कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल की गई सामग्री के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जाए। साथ ही सड़क निर्माण की तकनीकी जांच कर यह पता लगाया जाए कि दरारें आने के पीछे क्या कारण हैं और कहीं निर्माण में तय मानकों की अनदेखी तो नहीं की गई।
जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग
वार्डवासियों ने नगरपालिका प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अनियमितता सामने आने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में लापरवाही की पुष्टि होने पर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए, ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग न हो।
स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की कि सड़क की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी सुधार कार्य कराए जाएं। उनका कहना है कि आमजन की सुविधा के लिए बनाई जाने वाली सड़कों का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार होना चाहिए। अब देखना होगा कि नगरपालिका प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और सड़क की गुणवत्ता की जांच कराकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करता है या नहीं।