
लेखिका : लता अग्रवाल
चित्तौड़गढ़, (राजस्थान)।
www.daylifenews.in
जनता की समस्या के शीघ्र निवारण के लिए मोबाइल एप, व्हाट्सएप और चैट बॉक्स का इस्तेमाल किया जाए। उमंग एप और जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। एकल खिड़की प्रणाली पोर्ट को अधिकतम उपयोगकर्ता से जोड़ा जाए। प्रत्यक्ष शिकायतकर्ता का एक रेफरेंस नंबर हो ताकि वह ट्रैक कर सके की उसकी शिकायत का निवारण किस स्तर तक पहुंचा है। समस्या का समाधान करने की समय अवधि तय की जाए।
तय समय तक शिकायतकर्ता की समस्या का निवारण नहीं होने पर ऐसे पोर्टल बनाएं जाए जिसे वह उच्च अधिकारियों तक अपनी शिकायत कर सके। नागरिकों की समस्याओं का फीडबैक लिया जाए और निस्तारण नहीं होने पर दोबारा कार्रवाई की जाए। जिलाधीश महोदय प्रतिदिन एक समय अवधि तय करे जिसमें आम जनता की शिकायत व समस्या का समाधान किया जाए।
शिकायत प्राप्त अधिकारी संवेदनशील और कुशल हो जो सहज भाव से जनता की समस्याओं को सुने समय रहते उसकी समस्याओं का समाधान करे। (लेखिका क्व अपने विचार हैं)