
सुनील जैन की रिपोर्ट
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जयपुर। श्री हनुमान चालीसा प्रबंध समिति के संस्थापक संत अमरनाथ महाराज के सानिध्य में चलाए जा रहे “हर घर में हो अर्थ सहित हनुमान चालीसा” पुस्तक अभियान के अंतर्गत समाज में धार्मिक जागरण और संस्कारों के प्रसार के लिए लगातार विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत अब स्कूलों के साथ-साथ मंदिरों से भी निःशुल्क हनुमान चालीसा पुस्तकों का वितरण किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक हनुमान चालीसा का संदेश और उसका अर्थ पहुँच सके।
इसी क्रम में शनिवार सुबह मानसरोवर स्थित श्री बुरजाली निमड़ी वाले बालाजी मंदिर में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने एक साथ, एक स्वर में हनुमान चालीसा का पाठ कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पाठ के उपरांत सभी भक्तों को अर्थ सहित हनुमान चालीसा की पुस्तकें निःशुल्क भेंट की गईं, जिससे वे केवल पाठ ही नहीं बल्कि उसके गूढ़ अर्थ को भी समझ सकें।
कार्यक्रम से पूर्व मंदिर के पुजारी श्री राम शर्मा को श्री भन्दे बालाजी महाराज के चोले का विशेष सिन्दूर भेंट किया गया। यह सिन्दूर भक्ति और आस्था का प्रतीक माना जाता है, जिसे भक्तजन बड़े श्रद्धा भाव से स्वीकार करते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत रामधूनी से की गई, जिसके बाद महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को हनुमान चालीसा की चौपाइयों का अर्थ सरल भाषा में समझाया। उन्होंने कहा कि जब हनुमान चालीसा को अर्थ सहित समझकर पढ़ा जाता है तो व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता, आत्मबल और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।
संत अमरनाथ महाराज ने बताया कि “हर घर में हो अर्थ सहित हनुमान चालीसा” अभियान का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक हनुमान चालीसा का संदेश पहुँचाना है, ताकि नई पीढ़ी भी अपने धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी रहे। इस अभियान के अंतर्गत जयपुर के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार धार्मिक आयोजन, सामूहिक पाठ और पुस्तक वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर समिति के महेश बम्ब, पंकज शर्मा, चेतन धुंधारिया, मुकेश काका, गणेश कुमावत, संजीव कुमावत, अशोक शर्मा, योगेश शर्मा, राहुल शर्मा, अनिल चौधरी, आदित्य बागड़ा, लालाराम चौधरी, बिरदी चंद दंबीवाल सहित अन्य श्रद्धालु एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।