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एल पी एस विकास संस्थान में संचालित इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत युवाओं को पर्यावरण सुरक्षा, जल सरंक्षण, वृक्षारोपण के महत्व को लेकर प्रशिक्षित करने के साथ साथ संस्थान के प्रकृति प्रेमी राम भरोस मीणा ने बरगद पीपल गुलर नीम जैसे पेड़ों को सुरक्षा देने, वृक्षारोपण करने, घटती संख्या को ध्यान में रखते हुए ज्यादा से ज्यादा इनके संरक्षण में सहयोग की अपील की।
बताया कि पेड़ विशाल होने के साथ हमारे जैव विविधता को बनाएं रखतें हैं अंधकार, तेज हवा से बचाते हैं, जल संरक्षण, मृदा कटाव रोकने, पक्षियों को आवास व भोजन देने, वातावरण में नमी बनाएं रखने का कार्य करते हैं। हमें हमारी संस्कृति, संस्कार,समाज, सभ्यता से जुड़े हुए पेड़ों को बढ़ावा देना चाहिए। स्थानीय आवश्यकताओं को देखते हुए हमें जैव विविधता को बनाए रखने की आवश्यकता है। अन्यथा हमारे जल जंगल नष्ट हो जाएंगे, इन्होंने यह भी कहा की राजस्थान की संस्कृति में जल का बड़ा महत्व है और हमें जल यौद्धाओं की आवश्यकता है, जिससे जल संरक्षण के साथ जल संस्कृति को बचाने की पहल की जा सके।
कार्यक्रम के तहत प्रो राम प्रताप मीणा ने छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि संस्थान के प्रकृति प्रेमी के वृक्षारोपण, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों को हमें देख कर सिखना चाहिए, चिंतन अध्यन करना चाहिए। संस्थान द्वारा इस वर्ष पांच सो बरगद के पेड़ लगाने का जो संकल्प है वह बड़ा सराहनीय है, घाटा नाका से गुज़री मोड़ लग भग एक से दो किलोमीटर की लम्बाई में पेड़ लगाए जाएंगे, वर्तमान समय तक सो बरगद के पेड़ लगाए जा चुके हैं। इन्होंने युवा छात्राओं को संस्थान से जुड़ कर वृक्षारोपण में सहयोग करने की अपील की है।