
लेखिका : लता अग्रवाल
चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
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आज तक मोदी जी ने कभी किसी गंभीर विषय को लेकर अचानक न तो संसद सत्र बुलाया और ना राष्ट्र को संबोधित किया। कुटिल राजनीति करने में मोदी जी का पूरे विश्व में कोई मुकाबला नहीं कर सकता है।
जिस महिला आरक्षण बिल के नाम पर नौटंकी की जा रही है वह बिल तो सन 2023 में ही पास हो चुका था। इसी मोदी सरकार ने तब रुकावट डाली थी। अब संविधान में संशोधन किया जाएगा कि लोकसभा की 543 सीटों से बढ़कर 850 कर दी जाएगी और फिर उसमें से 33% महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा। दूसरी बात मोदी जी ने जनगणना की बात की है और जहां जनसंख्या ज्यादा होगी उसके आधार पर लोकसभा की सीटों का निर्वाचन निर्धारित किया जाएगा और उसमें से महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा इस परिसीमन के कारण मोदी जी बीजेपी का अपना राजनीतिक आरक्षण करवाना चाहते हैं। यह है इनकी कुटिल चाल ताकि मोदी जी को सीटों का लाभ मिल सके।
विपक्ष का कहना है कि जनगणना व परीसीमन को लागू किए बिना 543 सीटों में से ही महिलाओं को आरक्षण दिया जाए इसलिए प्रस्ताव पारित नहीं किया गया।
उसके बाद मोदी जी ने एक और चाल चली। महिला आरक्षण बिल को लेकर महिलाओं की सहानुभूति पाने के लिए राष्ट्र को संबोधित किया यह बताने की कोशिश की वह महिलाओं की सुरक्षा अधिकारो के प्रति सजग है लेकिन कांग्रेस बिल पास नहीं कर रही है।
मोदी जी अब आपकी कोई भी चाल सफल नहीं होने वाली है जनता आपकी सच्चाई जान चुकी है। आप क्या देश महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करेंगे आपकी सरकार में अधिकांश सांसद और विधायक बलात्कारी हैं। और महिलाओं के खिलाफ गंभीर आरोपों में लिप्त हैं। लंबी चौड़ी लिस्ट है। सबसे शर्मनाक रिकॉर्ड तो यह है कि कन्हैया लाल ने नेशनल हाईवे पर अय्याशी की और देश में गलत संदेश गया उस पर आपने मुंह नहीं खोला। (लेखिका के अपने विचार हैं)