नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला आरक्षण बिल : गोविन्द सिंह डोटासरा

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जयपुर। देश की संसद में 22 सितम्बर, 2023 को नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला आरक्षण बिल पारित हुआ। उक्त समय इण्डिया गठबंधन ने माँग रखी थी कि इस बिल में केवल 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए हो और यह परिसीमन तथा जनगणना से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्र के नाम सम्बोधन कर और लोकसभा में जिस प्रकार अपना वक्तव्य दे रहे हैं और निराशा व्यक्त कर रहे है, उन्होंने कभी किसी से बिल पर समर्थन नहीं माँगा था। कांग्रेस पार्टी ने पहले 1996 में महिला आरक्षण विधेयक संसद में पेश किया था और उसके पश्चात् 2010 में यूपीए सरकार ने महिला आरक्षण बिल राज्यसभा में पारित किया था। उक्त समय भी भारतीय जनता पार्टी और इनके सहयोगी दलों ने महिला आरक्षण बिल का विरोध किया था। उक्त विचार राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में व्यक्त किए।
प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि वर्ष 2023 में एनडीए सरकार महिला आरक्षण बिल अपनी शर्तों के साथ लेकर आयी, उक्त समय इन शर्तों से सहमत ना होते हुए भी कांग्रेस पार्टी और समस्त विपक्षी दलों ने मातृशक्ति के सशक्तिकरण हेतु इस बिल को सर्वसम्मति से पारित करवाया। प्रधानमंत्री ने यह कानून पारित होने के पश्चात् 22 सितम्बर, 2023 को भाजपा कार्यालय जाकर जश्न भी मनाया तथा भाषण दिया कि देश में महिला आरक्षण लागू हो गया यह इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखा जाएगा। 2023 में बिल पारित होने के पश्चात् राजनीतिक लाभ लिए और 2024 के चुनावों में पुन: सत्ता में आ गए। जनगणना 2021 में होनी थी वह भाजपा सरकार ने नहीं करवायी और तो और महिला आरक्षण बिल पारित होने के तीन वर्ष तक भाजपा की केन्द्र सरकार ने महिला आरक्षण के कानून को लागू करने के लिए गजट नोटिफिकेशन नहीं निकाला लेकिन पश्चिम बंगाल, तमिलनाडू के राज्यों की विधानसभा के चलते चुनाव में षड्यंत्र के तहत् संसद का सत्र बुला लिया। दो षड्यंत्र भाजपा ने रचे पहला कि देश की संसद की सीटों का मनमानी से ऐसा परिसीमन करें जिससे भाजपा को लम्बे समय तक सत्ता में बने रहने का लाभ मिले, दूसरा षड्यंत्र महिला आरक्षण के नाम पर अधिक से अधिक राजनीतिक लाभ चुनावों में लेने का था। भारतीय जनता पार्टी ने संशोधन बिल डिलीमिटेशन के लिए पेश किया और वो भी उपलब्ध संसाधन जो कि 2011 की जनगणना के आंकड़े है उसके आधार पर भाजपा सरकार को परिसीमन करने की छूट मिल जाए, बहुमत के आधार पर संसद से ही परिसीमन हो जाए। यह भाजपा की राजनैतिक साजिश थी उन्हें जवाब देना चाहिए कि यदि ऐसा संशोधन आज लाये तो इन शर्तों को 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित करते समय अधिनियम का हिस्सा क्यों नहीं बनाया गया? जबकि 2011 की जनगणना के आंकड़े उक्त समय भी सरकार के पास उपलब्ध थे। कांग्रेस नेता लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गाँधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े द्वारा जनसमर्थन से बनाए गए दबाव के कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जातिगत जनगणना की घोषणा की थी उसके बावजूद दो वर्ष तक जनगणना शुरू नहीं की और अब जब जातिगत जनगणना प्रारम्भ हो चुकी है भाजपा को यह आभास हो गया है कि इस जनगणना के पश्चात् ओबीसी को आरक्षण आवश्यक रूप से देना होगा ऐसे में भाजपा ओबीसी को आरक्षण नहीं देने की मंशा से तथा मनमर्जी का परिसीमन करने के उद्देश्य से 131वाँ संविधान संशोधन भाजपा ने संसद में पेश किया ताकि 2011 की जनगणना और मनमर्जी से परिसीमन कर बनायी गयी 850 सीटें हो जाएं और वो भी साधारण बहुमत के आधार पर यह निर्णय संसद से हो जाएं यही भाजपा की मंशा थी। परिसीमन आयोग के चेयरपर्सन की नियुक्ति भाजपा सरकार द्वारा की जानी है, चुनाव आयोग भाजपा के प्रवक्ता के रूप में कार्य कर रहा है, लोकसभा अध्यक्ष भाजपा का है, अधिकांश विधानसभाओं में भाजपा की सरकार तथा विधानसभा अध्यक्ष है ऐसी परिस्थिति में परिसीमन आयोग में मनमर्जी से परिसीमन किया जाकर लोकसभा की सीटेंं निर्धारित की जाती। जहाँ भाजपा का बहुमत है वहाँ सीटें बढ़ा देते और अन्य राज्य चाहे वे आर्थिक रूप से सर्वाधिक अंशदान देते हो उनका असर कम सीटों के कारण कमतर करना भाजपा षड्यंत्रपूर्वक चाहती थी। आसाम तथा जम्मू कश्मीर में जिस प्रकार जनभावनाओं के विपरीत जाकर भाजपा के राजनीतिक लाभ के लिए जिस प्रकार परिसीमन किया गया है वैसा ही असंवैधानिक व अपारदर्शी परिसीमन देश की संसद का भाजपा करना चाहती थी, यह षड्यंत्र इण्डिया गठबंधन ने कामयाब नहीं होने दिया। इसके पीछे मकसद इतना ही है कि जिन कुछ राज्यों में सीटों की अत्यधिक बढ़ोतरी होती वहाँ आमजनता के टैक्स का पैसा रेवडिय़ों के रूप में बांटकर राजनीतिक सफलता हासिल भाजपा करना चाहती थी भले ही छोटे राज्य जिनका आर्थिक अंशदान अधिक होता उनकी सरकार में भागीदारी भाजपा नहीं रखना चाहती थी। भाजपा के इस षड्यंत्र को पहचान कर इण्डिया गठबंधन ने भाजपा से स्पष्ट सवाल पूछा कि क्या भाजपा सरकार मौजूदा 543 सांसदों पर महिला आरक्षण लागू करना चाहती है? भाजपा से सवाल कि 2021 में होने वाली जनगणना अभी तक पूरी क्यों नहीं करवायी, जब जातिगत जनगणना जारी है तो उसके आधार पर परिसीमन करते हुए मातृशक्ति को आरक्षण का लाभ क्यों नहीं देना चाहते, क्यों ओबीसी वर्ग को आरक्षण के लाभ से वंचित करना चाहती है भाजपा?
श्री डोटासरा ने कहा कि हद तो तब हो गई जब चलते चुनावों के दौरान संसद बुलाकर राजनैतिक नौटंकी की गई और षड्यंत्र विफल होने पर बौखलाहट में प्रधानमंत्री राष्ट्र के नाम संबोधन करते है वे उसमें बहुत ही निम्न स्तरीय भाषा का प्रयोग करते है, यह केवल चुनाव को प्रभावित करने का एक षड्यंत्र मात्र था यदि वास्तव में प्रधानमंत्री महिलाओं के अधिकारों के प्रति समर्पित है तो महिला आरक्षण बिल पारित होने के तीन वर्ष पश्चात् भी जनगणना क्यों नहीं हुई और यह बिल लागू क्यों नहीं किया? बिल पारित होने के तीन वर्ष पश्चात् 16 अप्रैल, 2026 को रात्रि 11.00 बजे महिला आरक्षण अधिनियम का नोटिफिकेशन देरी से क्यों जारी किया? भाजपा संविधान संशोधन बिल तो लेकर आ गयी लेकिन जिस अधिनियम को नोटिफिकेशन के जरिए लागू ही नहीं किया गया था उसका संशोधन कैसे हो सकता था इसके जानकारी मिलते ही आनन-फानन में 16 अप्रैल, 2026 की रात्रि 11.00 बजे महिला आरक्षण कानून का गजट नोटिफिकेशन जारी कर कानून लागू हुआ, मजबूरी में ही सही कानून भाजपा को लागू करना पड़ा। जनगणना के रजिस्ट्रार ने कहा है कि मार्च, 2027 में जनगणना के आंकड़ें सरकार को उपलब्ध हो जाएंगे। आमचुनाव दो वर्ष पश्चात् 2029 में होने है इस अवधि में जब सभी कार्य डिजीटल हो रहे है तो 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं का ओबीसी आरक्षण व एससी-एसटी आरक्षण देते हुए नए परिसीमन से चुनाव करवाये जा सकते है। भारतीय जनता पार्टी लोगों को केवल भ्रमित कर रही है लेकिन सवालों के जवाब नहीं दे रही है, राजस्थान में मुख्यमंत्री महोदय ने भी दिल्ली से आयी पर्ची के आधार पर प्रेस को सम्बोधित किया किन्तु प्रेस के सवाल नहीं लिए। महिलाओं के सशक्तिकरण की बात भाजपा कर रही है किन्तु भाजपा ने आज तक महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष तक नहीं बनाया जबकि कांग्रेस में 5 महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष बन चुकी है, प्रथम महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी बनी, प्रथम लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती मीरा कुमार बनी और प्रथम राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल कांग्रेस से बनी। इसके बावजूद भाजपा नेता कांग्रेस की निंदा कर रहे है जबकि सभी को पता है कि भाजपा नेता महिलाओं की कितनी इज्जत करते हैं, प्रधानमंत्री व अन्य भाजपा नेताओं ने लोकसभा में निंदनीय शब्दों का प्रयोग श्रीमती सोनिया गाँधी के लिए किया था। भारतीय जनता पार्टी की सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर आरक्षण एवं परिसीमन केवल इसलिए करना चाहती है कि जातिगत जनगणना होने पर ओबीसी को भी आरक्षण देना पड़ेगा और यह सरकार ओबीसी को आरक्षण नहीं देना चाहती है। परिसीमन पहले भी हुआ है किन्तु आज सरकार घोषणा कर रही है कि 815 सीटें संसद में कर देंगे तथा 850 से अधिक सीटें नहीं होंगी लेकिन सरकार को यह जवाब देना चाहिए कि परिसीमन क घोषणा वे कैसे कर सकते हैं जबकि यह कार्य तो परिसीमन आयोग का होता है। भारतीय जनता पार्टी के षड्यंत्र को इण्डिया गठबंधन ने विफल कर दिया यदि तीनों बिल पारित होते तो देश के संघीय ढाँचे पर चोट पहुँचती, आज यह प्रश्र किया जाना आवश्यक है कि जब कांग्रेस सरकार महिला आरक्षण बिल लायी थी तो भाजपा के सभी नेताओं जिसमें वर्तमान में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल है, कहते थे कि महिला आरक्षण बिल बिना सर्वसम्मति के पारित व लागू नहीं होना चाहिए किन्तु आज भाजपा केवल राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए अपने ही कथनों से मुकर कर षड्यंत्रपूर्वक परिसीमन हेतु संविधान संशोधन बिल ले आयी वो भी बिना विपक्ष को विश्वास में लिए। यदि भाजपा की मंशा महिला आरक्षण लागू करने की होती तो 2023 में बिल पारित होने के तुरन्त पश्चात् जनगणना प्रारम्भ करवा दी जाती और उसके आधार पर महिला आरक्षण लागू हो जाता। देश में 73वें एवं 74वें संविधान संशोधन के पश्चात् नगरीय निकायों एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किया किन्तु प्रदेश का दुर्भाग्य है कि 309 नगर निकायों एवं 14000 ग्राम पंचायतों, जिला परिषदों, पंचायत समितियों में मातृशक्ति को मिलने वाले आरक्षण के आधार पर जनप्रतिनिधि बनने के अधिकार से भाजपा ने वंचित किया हुआ है, यही भाजपा का असली चेहरा है।
मातृशक्ति को उनके अधिकार दिलवाने के लिए कांग्रेस पार्टी सडक़ से सदन तक लड़ेगी और भारतीय जनता पार्टी के षड्यंत्र को आमजन के बीच उजागर करेगी। कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता आमजन के बीच प्रदेशभर में जन-जागरण के लिए जी-जान से जुटेंगे तथा प्रदेश के सभी 50 जिलों में कांग्रेस की महिला नेत्रियाँ भाजपा के षड्यंत्र एवं महिला विरोधी सोच को उजागर करेगी।
इस अवसर पर प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सारिका सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा महिलाओं को निराश ही किया है किन्तु जब चलते चुनावों के बीच महिला आरक्षण बिल के लिए संसद सत्र बुलाया गया तो देश की आधी आबादी आशा से देख रही थी किन्तु भाजपा ने तुरन्त महिला आरक्षण लागू करने की बजाय अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए बिल पेश किया। प्रधानमंत्री कांग्रेस को कोस रहे हैं कि महिलाएं माफ नहीं करेगी जबकि देश की महिलाएं भाजपा को माफ नहीं करेगी क्योंकि आधी आबादी की उम्मीदें भाजपा ने तोड़ी है। राजनैतिक प्रतिनिधित्व तो बाद में आता है जबकि सामाजिक प्रतिनिधित्व और सम्मान भी भाजपा ने महिलाओं को नहीं दिया। मणिपुर में महिलाओं के साथ बर्बरता हुई प्रधानमंत्री ने एक शब्द नहीं बोला, महिला पहलवानों के साथ दुव्र्यवहार हुआ प्रधानमंत्री चुप रहे, उन्नाव और हाथरस की घटनाओं पर भाजपा की एक महिला नेत्री की आँख में आँसू नहीं आये ऐसा दोहरा चरित्र भाजपा का देश की जनता माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस कल प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से मुख्यमंत्री आवास तक रैली निकाल कर महिला आरक्षण तुरन्त लागू करने के लिए मार्च निकालेगी। (प्रेस वार्ता)

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