
6 बात मान लो तो डॉक्टर की दहलीज नहीं चढ़नी पड़ेगी – डॉ रिजवान
जाफर लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। राजकीय यूनानी चिकित्सालय ताला के चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर रिजवान अहमद ने कहा कि आजकल हर दूसरे घर में बीमारी है। शुगर, बीपी, गैस, टेंशन। दवाइयों का थैला भारी है और जेब खाली। पर 1000 साल पहले यूनानी हकीमों ने सेहत का वो राज बता दिया था जो आज भी कारगर है। नाम है असबाब-ए-सित्ता जरूरिया। मतलब सेहत के 6 जरूरी खंभे।
- हवा: पहली दवा सांस की है
हकीम कहते हैं, आदमी खाना 4 दिन छोड़ दे तो जी लेगा। पानी 2 दिन छोड़ दे तो भी जी लेगा। पर हवा 2 मिनट छोड़ दे तो खेल खत्म।
इसलिए सुबह की साफ हवा में टहलो। पेड़ के नीचे बैठो। शहर का धुआं और धूल फेफड़े खा जाता है। साफ हवा फ्री की दवा है। - खाना-पीना: पेट का मजदूर मत बनो
बुजुर्ग कहते थे, खाना उतना खाओ जितना पचे। आज उल्टा है। जीभ के चक्कर में पेट भर लेते हैं।
यूनानी तिब्ब कहता है, ताजा खाओ, समय पर खाओ, नाप से खाओ। बासी, ठंडा, मैदा, ज्यादा तेल। ये सब पेट का दुश्मन है। भूख से एक रोटी कम खाओ। सौ बीमारी दूर रहेंगी। - हरकत और आराम: खेत का उसूल शरीर पर लागू करो
किसान जानता है, खेत को जोतते भी हैं और पड़त भी छोड़ते हैं। शरीर भी खेत जैसा है।
थोड़ा चलो, थोड़ा काम करो। पसीना बहाओ। पर रात को शरीर को पूरा आराम दो। जो दिन भर खटता है और रात को जागता है, वो 40 में बूढ़ा हो जाता है। - दिमाग का सुकून: टेंशन दीमक है
आज का आदमी कमाता ज्यादा है, पर खाता कम है। वजह टेंशन।
हकीम कहते हैं, गुस्सा, जलन, चिंता, डर। ये चारों सेहत को चाट जाते हैं। आदमी अंदर से खोखला हो जाता है।
इसलिए दिल साफ रखो। माफ करना सीखो। हंसो। दिमाग हल्का रहेगा तो शरीर तगड़ा रहेगा। - नींद: अल्लाह की रहमत है
रात को 10 बजे तक सो जाओ। सुबह 5 बजे उठ जाओ। ये कुदरत का टाइम टेबल है।
जो रात को मोबाइल चलाता है और दिन में सोता है, उसका हाजमा, दिमाग, सब खराब हो जाता है। नींद पूरी लो। पर इतनी नहीं कि सुस्ती आ जाए। - निकलना जरूरी है: रुका पानी सड़ता है
पसीना, पेशाब, पाखाना। ये तीनों समय पर निकलने चाहिए। कब्ज सौ बीमारी की मां है।
जोर से रोकना, या जोर लगाना दोनों गलत है। पेट साफ तो हर मर्ज माफ।