
लेखिका : लता अग्रवाल
चित्तौड़गढ़, (राजस्थान)
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बीजेपी सरकार हिंदू मुस्लिम की राजनीति कर रही है और सत्ता को पाने के लिए देश को बांटने का काम हो रहा है। लेकिन हिमाचल की सांसद अनन्या संसद में कह रही है कि हम केवल भारतीय है। We are only Indians. हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, तमिल, पंजाबी नहीं है। कितनी बड़ी बात कह दी उन्होंने, क्या बीजेपी को कुछ सबक नहीं लेना चाहिए। देश के राष्ट्रपति अब्दुल कलाम आजाद मिसाइल मैन जिनके कारण आज देश सरहद पर सुरक्षित है।
बरकत अहमद 1857 के स्वतंत्रता सेनानी थे, अहमुदलला शाह फैजाबादी 1857 की क्रान्ति के नेता थे, मौलाना मजरूहल हक बिहार के सेनानी थे, मोहम्मद अब्दुल रहीम केरल के सेनानी थे, युसूफ मेहर अली साइमन ने गो बैक का नारा दिया था, अशरफी बेगम 1857 की क्रांति की पक्षधर विद्रोही महिला थी, बेगम हजरत महल ने अवध की ओर से देश का नेतृत्व किया था, मौलाना हसरत अली ने इंकलाब जिंदाबाद का नारा दिया था, हकीम अजमल खान असहयोग आंदोलन में सक्रिय रहे थे,र फी अहमद किदवई कांग्रेस के नेता थे, सैयद अहमद बरेलवी अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष में साथ रहे, अशमुल्ला खान काकोरी कांड के नायक थे, खान अब्दुल गफ्फार खान सीमांत गांधी के नाम से जाने जाते थे, अली बंधु शौकत अली, मोहम्मद अली खिलाफत आंदोलन व असहयोग आंदोलन में सक्रिय थे, टीपू सुल्तान अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध लड़ने वाले मैसूर के शासक थे, डाक्टर सिफलुद्दीन किचलू जो रॉलेट एक्ट के खिलाफ थे, बहादुर शाह जफर 1857 की क्रांति के जनक थे। सबसे बड़ी बात हमारे देश की झांसी की रानी चाहती थी कि उनका शरीर अंग्रेजों के हाथ नहीं लगे तो उनके मुंह बोले भाई नवाब अली बहादुर, (बांदा के नवाब) ने उनका दाह संस्कार किया।
क्या ये सब देशभक्ति नहीं है? भारत मुस्लिम भाइयों का नहीं है? तो क्यों मोदी सरकार हिन्दूओं के मन में मुस्लिम समुदाय के प्रति जहर भर रही है। क्यों देश में अराजकता और साम्प्रदायिकता का माहौल बना रही है। केवल सत्ता हासिल करने के लिए देश को बांटा जा रहा है। (लेखिका का अपना अध्ययन एवं अपने विचार हैं)