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मुंबई। भारत के निवारक स्वास्थ्य परितंत्र में लिक्विड वेपोराइज़र, कॉइल, एयरोसोल जैसे घरेलू कीटनाशकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ईवाय और होम इन्सेक्ट कंट्रोल एसोसिएशन (एचआईसीए) की संयुक्त रिपोर्ट, “घरेलू कीटनाशकों के लिए जीएसटी को तर्कसंगत बनाना: सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अनिवार्यता” में इस बात की पड़ताल की गई है कि मौजूदा 18% जीएसटी दर इन उत्पादों के उपयोग, किफायत और पहुंच को किस तरह प्रभावित करती है, विशेष रूप से कमज़ोर और उच्च-जोखिम वाली आबादी के बीच।
होम इन्सेक्ट कंट्रोल एसोसिएशन (एचआईसीए) के सचिव और निदेशक, जयंत देशपांडे ने जीएसटी राहत की तत्काल ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए कहा, “लिक्विड वेपोराइज़र जैसे घरेलू कीटनाशक उत्पाद मलेरिया और डेंगू जैसी मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों को रोकने के लिए ज़रूरी हैं। लेकिन इन उत्पादों पर अभी 18% कर लगता है, जिसकी वजह से ये उपभोक्ताओं के लिए किफायती नहीं रह जाते।”
ईवाय इंडिया के कर भागीदार, बिपिन सप्रा ने सुधार के संभावित असर पर अपनी टिप्पणी में कहा, “उक्त उत्पादों पर जीएसटी घटाकर 5% करने से सुरक्षित और नियमानुसार उत्पादित घरेलू कीटनाशकों की पहुंच बढ़ेगी, खास तौर पर ग्रामीण और अधिक जोखिम वाले इलाकों में।”