
जाफर लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि छोटे बच्चों से लेकर महिलाओं और राहगीरों तक में भय का माहौल है। घरों की छतों पर कपड़े सुखाने जाने वाली महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं, वहीं बच्चे भी छतों पर खेलने से कतराने लगे हैं।
वही मकान के अंदर से एवं फ्रिज में रखे सामान को भी बंदर उठा कर ले जाते है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कस्बे के कई मोहल्लों में बंदरों के झुंड दिन-रात छतों पर मंडराते रहते हैं और कई बार लोगों पर झपट्टा मारने के साथ उन्हें काटने के लिए दौड़ पड़ते हैं। इससे आए दिन हादसे की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय निवासी संतोष प्रजापत ने बताया कि शिकारपुरा, नवलपुरा और मामटोरी गांव जाने वाले मार्गों पर बंदरों का आतंक चरम पर है। उन्होंने कहा कि सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों के पीछे बंदर दौड़ते हैं, जिससे बच्चे भयभीत होकर इधर-उधर भागने को मजबूर हो जाते हैं। अभिभावकों में भी इसे लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
गौरतलब है कि नगर पालिका द्वारा बंदरों को पकड़ने के लिए लाखों रुपये का टेंडर जारी किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन मौजूदा हालात देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यह अभियान धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। यदि बंदर पकड़ने की कार्रवाई की गई है, तो फिर कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में बंदरों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ क्यों रही है? यह सवाल अब आमजन के बीच चर्चा का विषय बन चुका है।
कस्बावासियों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।