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आंधी वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नदीम पठान ने कहा कि ईद मीलादुन्नबी मुसलमानों का एक मुक़द्दस और अहम दिन है। यह दिन हर साल 12 रबीउल अव्वल को आख़िरी नबी हज़रत मुहम्मद स.अ. की विलादत की ख़ुशी में मनाया जाता है। इस मुबारक मौक़े पर मुसलमान अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं, कसरत से दुरुदो सलाम भेजते हैं और आपकी सीरत-ए-तय्यबा को याद करते हैं। रहमतुल्लिल-आलमीन की आमद पूरी इंसानियत के लिए रहमत है। यह दिन हमें ताजदार-ए-कायनात के अख़लाक़, अमन, शांति, मुहब्बत और भाईचारे के पैग़ाम को अपनाने की याद दिलाता है।
पठान ने कहा कि हमारे प्यारे नबी स.अ. पर हर तरह के ज़ुल्मों-सितम ढाए गए। मक्का वालों ने काँटे बिछाए, ताइफ़ वालों ने पत्थर बरसाए, लेकिन हुज़ूर स.अ. ने किसी से बदला नहीं लिया, बल्कि अल्लाह तआला से उनकी हिदायत के लिए दुआ माँगी, क्योंकि आप स.अ. दोनों जहाँ के लिए रहमत बनकर तशरीफ़ लाए।
पठान ने कहा कि हम जब भी हुज़ूर स.अ. की सीरत पर बात करते हैं तो फ़तह-मक्का के दिन बड़े-बड़े पापियों और दुश्मनों के लिए आम माफ़ी का ऐलान करने वाले रहमतुल्लिल – आलमीन नज़र आते हैं। आप अख़लाक़ो किरदार का आला नमूना और हिदायत का सरचश्मा थे।
पठान ने कहा कि लिहाज़ा हम सब मिलकर अपने प्यारे नबी स.अ. की विलादत की ख़ुशी में बेसहारों के लिए सहारा, बेवाओं, यतीमों, मज़लूमों, मरीज़ों और ख़ास तौर से उन जवान बेटियों, जिनके माँ-बाप ग़रीब हैं, उनकी इज्तिमाई शादी, गरीब बच्चों के लिए तालीम, हॉस्पिटल, स्कूल, कॉलेज का इंतज़ाम और जगह-जगह लंगर-ए-रसूल तक़सीम कर के हुज़ूर स.अ. की ग़ुलामी का सुबूत पेश कर के अज्रो-सवाब हासिल करें।
पठान ने कहा कि हर साल की तरह इस साल भी जुलूस-ए-मुहम्मदी स.अ. 26 अगस्त 2026, बरोज़ बुधवार, ताला में निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि जुलूस का हर चौराहे पर इस्तक़बाल होगा। बड़ी तादाद में आशिक़ान-ए-रसूल शिरकत करेंगे।