
www.daylifenews.in
झारखंड। अदाणी पोर्टफोलियो की प्रमुख सीमेंट एवं निर्माण सामग्री कंपनी एसीसी ने अदाणी फाउंडेशन और नाबार्ड के सहयोग से सिंदरी स्थित समलापुर वाटरशेड प्रोजेक्ट के माध्यम से वर्षा आधारित कृषि पर निर्भर ग्रामीण समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। इस पहल ने जल संकट और कम कृषि उत्पादकता जैसी वर्षों पुरानी चुनौतियों का प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया है। सिंदरी के समलापुर और छटाटांड़ गांवों के किसानों के लिए खेती हमेशा अनिश्चितताओं से भरी रही। कम उत्पादन और पानी की कमी केवल मौसमी समस्याएं नहीं थीं, बल्कि पीढ़ियों से किसानों की जिंदगी का हिस्सा बनी हुई थीं। समलापुर वाटरशेड प्रोजेक्ट ने इस स्थिति को बदलने का काम किया। नाबार्ड और अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से किसानों को ड्रिप सिंचाई आधारित मल्च खेती और ट्रेलिस आधारित खेती का प्रशिक्षण दिया गया। ड्रिप सिंचाई के उपयोग से पानी की बर्बादी में उल्लेखनीय कमी आई, जिससे अनिश्चित वर्षा की स्थिति में भी खेती करना आसान हो गया। इस पहल के परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। परियोजना से जुड़े 84 किसानों की आय में 40 से 60 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है।