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मंडी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी (आईआईटी मंडी), जो देश के अग्रणी आईआईटी संस्थानों में से एक है, ने जलवायु जानकारी और जल संसाधन आकलन को अधिक सुलभ एवं किफायती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने भारतीय जलवायु सूचना अन्वेषक” मंच पर “वॉटरशेडएआई” नामक एक क्रांतिकारी अनुप्रयोग लॉन्च किया है। आईआईटी मंडी की “हिमालयी जलवायु प्रभाव अनुसंधान प्रयोगशाला द्वारा विकसित यह मंच जल विज्ञान मॉडलिंग, गहन अधिगम और बहुभाषी कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर भारत के किसी भी जलग्रहण क्षेत्र का व्यापक जलवायु आकलन मात्र 3 से 8 मिनट के भीतर तैयार करता है। यह मंच पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है और 19 भाषाओं में प्रकाशन-स्तरीय जलग्रहण क्षेत्र रिपोर्ट प्रदान करता है। आईआईटी मंडी के सिविल एवं पर्यावरण अभियांत्रिकी विद्यालय के संकाय सदस्य एवं “हिमालयी जलवायु प्रभाव अनुसंधान प्रयोगशाला” के प्रमुख डॉ. विवेक गुप्ता ने कहा: हमारा लक्ष्य अत्याधुनिक जल विज्ञान अनुसंधान और जमीनी स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया के बीच की दूरी को कम करना रहा है। ‘वॉटरशेडएआई’ विशेषता भू-आकृतिक विश्लेषण, मिट्टी एवं भूमि उपयोग की विशेषताओं, प्रेक्षित एवं अनुमानित जलवायु आँकड़ों, सूखा सूचकांकों तथा गतिशील जल-उपज मॉडल को एक समेकित स्वरूप में प्रस्तुत करती है।