जयपुर एयरपोर्ट पर अशोक गहलोत हुए मीडिया से रुबरु

www.daylifenews.in
जयपुर। परिसीमन को लेकर दक्षिण भारत के राज्यों में उत्पन्न रोष को लेकर पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा :
तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने जो गुस्सा प्रकट किया है,रोष प्रकट किया है,आशंकाएं जताई हैं उसमें मेरा मानना है कि मोदी जी को साउथ की चिंताओं को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए, गंभीरता से लेना चाहिए, यह मैं बार बार रिपीट कर रहा हूं जानबूझकर क्योंकि साउथ के लोगों को अगर यह फील हो गया कि नॉर्थ वाले हमारे ऊपर अनावश्यक थोप रहे हैं और हमारी स्थिति कमजोर कर रहे हैं तो स्थिति बिगड़ सकती है।
मिस्टर स्टालिन ने कह ही दिया है जो बहुत खतरनाक संकेत है। 1950, 60 के वक्त में दक्षिण में जो आंदोलन हुए थे वो स्थिति वापस नहीं बन जाए। इतनी खतरनाक बात उन्होंने संकेत दिया है तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने। उससे अंदाजा लगा लीजिए कि उनके दिलों में आग लगी हुई है। तो यह बहुत सेंसिटिव मामला है। पक्ष विपक्ष सब चाहते हैं महिलाओं को आरक्षण मिले,पर ये जो तरीका परिसीमन का अपना रहे हैं और जो सेंसस नहीं कर पाए क्यों नहीं कर पाए पहले? 2021 में हो जाना चाहिए था। कोई न कोई बहाना करते गए।
अब जो है सेंसस करने के जो कमिश्नर हैं, वो कह रहे हैं एक साल के अंदर 27 में सेंसस कर सकते हैं। फिर भी उससे अंदाजा लगा लीजिए आप, तमिलनाडु और बंगाल में चुनाव चल रहे हैं, उसके बीच में आपने पार्लियामेंट क्यों बुला लिया।
खडगे साहब ने कहा भाई आप चुनाव समाप्त हो जाता बुलाओ क्योंकि सब लोग बिजी होंगे उसके अंदर, तब भी आप जल्दबाजी कर रहे हो। इसका मतलब आपके दिल में कई तरह की खोट है। कई तरह की क्या कहना चाहिए कि कोई षड्यंत्र है कि आप महिला आरक्षण के नाम पर विपक्षी पार्टियां बदनाम होंगी। अगर पास नहीं हुआ तो दोष देंगे विपक्षी पार्टियों को। तो यह जो चाल चल रहे हैं, यह लोकतंत्र में उचित नहीं कहा जा सकता।
महिला आरक्षण के लिए वर्ष 2011 को आधार बनाए जाने संबंधी प्रश्न का अशोक गहलोत ने इस प्रकार दिया जवाब :
यही मैं कह रहा हूं आपको कि 2011 को बनाने का अचानक फॉर्मूला क्यों आ गया? तीन साल पहले जब पार्लियामेंट में कानून बना है तब तो खडगे साहब ने कहा था कि आप इमेडिएटली लागू कर दो 2024 से। तब कहा नहीं नहीं ,2021 की जनगणना बाकी रह गई है, पहले वो पूरी होगी, उसके बाद में उस जनगणना के आधार पर लागू करेंगे। अब आप कह रहे हैं कि 2011 की जनगणना है उसकी आधार पर हम लोग तो परिसीमन कर देंगे तो यह उचित नहीं है कहा जा सकता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *