
राजस्थान के ‘भागीरथ’ और सीएम भजन लाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में राजस्थान सरकार के पिछले ढाई साल के सुशासन के कार्यकाल में एक सशक्त, मज़बूत राजस्थान का निर्माण
लेखक : डॉ कमलेश मीना
सहायक क्षेत्रीय निदेशक, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, इग्नू क्षेत्रीय केंद्र जयपुर राजस्थान। इग्नू क्षेत्रीय केंद्र जयपुर, 70/80 पटेल मार्ग, मानसरोवर, जयपुर, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार।
एक शिक्षाविद्, स्वतंत्र सोशल मीडिया पत्रकार, स्वतंत्र और निष्पक्ष लेखक, मीडिया विशेषज्ञ, सामाजिक राजनीतिक विश्लेषक, वैज्ञानिक और तर्कसंगत वक्ता, संवैधानिक विचारक और कश्मीर घाटी मामलों के विशेषज्ञ और जानकार।
Mobile: 9929245565, Email kamleshmeena@ignou.ac.in and drkamleshmeena12august@gmail.com
फेसबुक पेज लिंक:https://www.facebook.com/ARDMeena?mibextid=ZbWKwL
ट्विटर हैंडल अकाउंट: @Kamleshtonk_swm
यूट्यूब लिंक: https://youtube.com/@KRAJARWAL?si=V98yeCrQ-3yih9P2 #drkamleshmeenarajarwal
www.daylifenews.in
24 जुलाई 2026 को जयपुर के ललित होटल में राजस्थान के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा जी ने “द इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा आयोजित ‘राजस्थान वाटर कॉन्क्लेव 2026’ का शुभारम्भ कर उपस्थित प्रबुद्धजनों को संबोधित किया। आदरणीय प्रधानमंत्री परम श्रद्धेय श्री Narendra Modi ji नरेंद्र मोदी जी के सशक्त नेतृत्व में हुए राम जल सेतु लिंक परियोजना, ऐतिहासिक यमुना जल समझौते एवं नर्मदा अवार्ड समझौते ने प्रदेश में जल सुरक्षा के नए युग की शुरुआत की है।

पिछले ढाई सालों में मुझे राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा जी को तीन बार सुनने का मौका मिला है। मुख्यमंत्री जी के पहले संबोधन के आधार पर मैं कह सकता हूँ कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा राजस्थान के मुख्यमंत्री के तौर पर उनका चयन वाकई बेहतरीन है और राजस्थान की ज़िम्मेदारी एक ज़िम्मेदार और दूरदर्शी व्यक्ति को सौंपी गई है, इसमें कोई शक नहीं है। पिछले ढाई सालों में, श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सुशासन, महिला सशक्तिकरण, रोज़गार के ज़रिए युवाओं के सशक्तिकरण और राजस्थान के सबसे पिछड़े व गरीब लोगों को न्याय दिलाने के लिए कई शानदार पहल की गई हैं। हाँ, हम कह सकते हैं कि पहली बार हम एक ऐसे राजनेता को देख रहे हैं जो पूरी तरह ईमानदार, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार व भाई-भतीजावाद से दूर है, और जो किसी को भी अनुचित लाभ नहीं देता और भ्रष्टाचार के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस (सख़्त रवैया) रखता है। राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा जी ने कहा कि नवीनतम तकनीकों के माध्यम से पानी की एक-एक बूंद को सहेजना, आधुनिक जल प्रबंधन और हर घर जल पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राजस्थान के मुख्यमंत्री ने अपील की है कि आइए हम सब जल संरक्षण के लिए आगे आएं और इस मुहिम में शामिल हों। राजस्थान के पास भारत के कुल ज़मीन का लगभग 10% हिस्सा है, लेकिन देश के कुल जल संसाधनों का केवल 1% ही यहाँ मौजूद है। इस वजह से यहाँ प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता 1,000 क्यूबिक मीटर से भी कम हो गई है, जिससे इस राज्य को गंभीर रूप से जल-संकट वाला राज्य माना जाता है। 2026 में होने वाले प्रमुख जल सम्मेलनों (जैसे जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘विश्व जल दिवस सम्मेलन’) का मुख्य उद्देश्य पानी की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चुनौतियों का समाधान करना, उद्योगों में पानी के ज़िम्मेदार इस्तेमाल को बढ़ावा देना और टेक्नोलॉजी पर आधारित, मिलकर संसाधन प्रबंधन को बढ़ावा देना है।


हाँ, हम कह सकते हैं कि पहली बार हम श्री भजन लाल शर्मा जी के रूप में एक सच में ईमानदार, निष्पक्ष और साफ़-सुथरी छवि वाले मुख्यमंत्री को देख रहे हैं, जो हर तरह के भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और किसी को भी अनुचित लाभ पहुँचाने जैसी चीज़ों से पूरी तरह दूर हैं और भ्रष्टाचार के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हैं। आने वाले समय में राजस्थान न केवल जल संसाधनों के मामले में, बल्कि बिजली उत्पादन, गैस, डीज़ल और पेट्रोलियम उत्पादन तथा मेडिकल टूरिज़्म इंडस्ट्री में भी आत्मनिर्भर बनेगा। राजस्थान के माननीय दूरदर्शी मुख्यमंत्री आदरणीय श्री भजन लाल शर्मा जी के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने कई अहम पहल की हैं, जिनमें ‘राइजिंग राजस्थान’ इन्वेस्टमेंट कैंपेन, ‘iStart राजस्थान’ स्टार्टअप इकोसिस्टम और ‘SMART’ हेल्थ सर्विस फ्रेमवर्क शामिल हैं। ये कार्यक्रम तेज़ी से बढ़ रहे आर्थिक क्षेत्रों, जन-कल्याण और टेक्नोलॉजी पर आधारित गवर्नेंस पर केंद्रित हैं। आइए, मिलकर जल-समृद्ध एवं आत्मनिर्भर राजस्थान का निर्माण करें! इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत जी, मुख्य सचिव, श्री वी. श्रीनिवास,श्री अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव, जल संसाधन विभाग, राजस्थान सरकार, श्री हेमंत कुमार गेरा, प्रमुख सचिव, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भू-जल विभाग, राजस्थान सरकार, जाने-माने पर्यावरणविद् और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित आदरणीय श्री सुण्डाराम वर्मा जी सहित जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य जन उपस्थित रहे। द इकोनॉमिक टाइम्स के डिप्टी एडिटर कार्तिक शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने शुरुआती संबोधन दिया और राजस्थान सरकार के जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने ‘गेस्ट ऑफ़ ऑनर’ के तौर पर संबोधन दिया। इस शुभ अवसर पर कई जाने-माने शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, वरिष्ठ पत्रकार और नौकरशाह मौजूद थे।

जयपुर के ‘द ललित होटल’ में आयोजित ‘द इकोनॉमिक टाइम्स राजस्थान वॉटर कॉन्क्लेव 2026’ में एक प्रतिनिधि के तौर पर शामिल होने का मौका मिला। इस दौरान जाने-माने शिक्षाविदों, पर्यावरणविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, राजस्थान सरकार के जनसंपर्क अधिकारियों और नौकरशाहों से मिलने का अवसर भी प्राप्त हुआ। ‘द इकोनॉमिक टाइम्स राजस्थान वॉटर कॉन्क्लेव 2026’ का आयोजन 24 जुलाई 2026 को जयपुर के ‘द ललित’ होटल में किया गया था। सौभाग्य से, हमें ‘राजस्थान वॉटर कॉन्क्लेव’ के पहले संस्करण (2025) में भी शामिल होने का मौका मिला, जो जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन और सिंचाई दक्षता पर केंद्रित था। विश्व जल दिवस हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है। 1993 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा शुरू किया गया यह दिन मीठे पानी के महत्व को उजागर करता है, इसके टिकाऊ प्रबंधन की वकालत करता है, और उन लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाता है जिनकी पहुँच अभी भी सुरक्षित पानी और साफ़-सफ़ाई की सुविधाओं तक नहीं है। राजस्थान इकोनॉमिक टाइम्स अलग-अलग विषयों और मुद्दों के महत्व को लोकप्रिय बनाने और इनके ज़रिए लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार ऐसे कॉन्क्लेव आयोजित करता रहता है। राजस्थान के माननीय दूरदर्शी मुख्यमंत्री आदरणीय श्री भजन लाल शर्मा जी 15 दिसंबर 2023 से राजस्थान के मुख्यमंत्री के तौर पर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी मुख्य भूमिका में राज्य प्रशासन का नेतृत्व करना, विकास कार्यों को तेज़ी देना और जल प्रबंधन व संरक्षण जैसे अहम एजेंडे को लागू करना शामिल है। आज, उनके ढाई साल के सफल कार्यकाल के आधार पर हम कह सकते हैं कि यह एक सही चुनाव था।
Amit Shah Nitin Nabin Bharatiya Janata Party (BJP)
जय हिंद, जय भारत!
“कर्म ही हैं जिनसे मानव जग में ख्याति पाते हैं
कर्मयोगी ही इस जग में सदा ही पूजे जाते हैं…”
(लेखक के अपने विचार हैं)