
www.daylifenews.in
मंडी। आईआईटी मंडी के शोधकर्ताओं ने 3डी- प्रिंटेड हड्डी प्रत्यारोपण के लिए एक ऐसी जैव-प्रेरित सतह कोटिंग विकसित की है, जो बैक्टीरिया को यांत्रिक रूप से नष्ट करने के साथ-साथ प्रत्यारोपण के हड्डी के साथ बेहतर जुड़ाव में मदद कर सकती है। यह शोध केमिकल इंजीनियरिंग जर्नल में प्रकाशित हुआ है। इसमें जैव-अपघटनीय प्लास्टिक स्कैफोल्ड पर समुद्री अर्चिन जैसी दिखने वाली हाइड्रॉक्सीएपेटाइट की सूक्ष्म संरचनाओं का इस्तेमाल किया गया है। इसका उद्देश्य ऑर्थोपेडिक इम्प्लांट से जुड़ी दो प्रमुख समस्याओं—बैक्टीरियल संक्रमण और हड्डी के साथ कमजोर जुड़ाव—से निपटना है। इस शोध दल का नेतृत्व डॉ. सुमित मुराब ने किया। टीम में अंकिता नेगी, आकाश वर्मा, के. एम. मोहम्मद सुफियान और वेदांते मिश्रा शामिल हैं। शोधकर्ताओं ने हाइड्रॉक्सीएपेटाइट का उपयोग करके दोहरी-परत वाली कोटिंग विकसित की है। हाइड्रॉक्सीएपेटाइट मानव शरीर की हड्डी का एक प्रमुख घटक है।