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मुंबई। घरेलू खपत, सरकार का लगातार कैपिटल खर्च और रिटेल निवेशकों की लगातार भागीदारी ने भारतीय इक्विटी बाजार को मजबूती दी है, भले ही जियोपॉलिटिकल तनाव और बदलते ट्रेड डायनामिक्स जैसे ग्लोबल घटनाक्रमों ने समय-समय पर बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव डाला हो। कंपनियों की कमाई ठीक-ठाक रही है और महंगाई भी काबू में है, जिससे पॉलिसी बनाने वालों को ग्रोथ को सपोर्ट करने का मौका मिला है। इन्वेस्को इंडिया स्मॉलकैप फंड एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है जो मुख्य रूप से स्मॉल-कैप शेयरों में निवेश करती है। यह ‘बॉटम-अप’ अप्रोच अपनाती है, जिसमें ऐसे बिजनेस की पहचान करने पर ध्यान दिया जाता है जिनका मॉडल टिकाऊ हो, जिनमें ग्रोथ की क्षमता हो और जिनमें रिस्क-रिवॉर्ड की विशेषताएं आकर्षक हों। 31 जुलाई 2026 तक, पोर्टफोलियो का 65.49% हिस्सा स्मॉल-कैप शेयरों में, 14.96% मिड-कैप में और 13.69% लार्ज-कैप शेयरों में निवेश किया गया था। 30 अक्टूबर 2018 को लॉन्च होने के बाद से इस फंड ने मार्केट के अलग-अलग दौर में शानदार परफॉर्मेंस दी है। 31 जुलाई 2026 तक, इसने 3 साल में 21.88% का सीएजीआर दिया, जबकि बीएसई 250 स्मॉलकैप टीआरआई का सीएजीआर 15.10% रहा। इस फंड को ताहेर बादशाह और आदित्य खेमानी मैनेज करते हैं।