
मोहब्बत का महल, भरोसे की नींव:
जाफर लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। कहते हैं कुछ रिश्ते हीरे की तरह होते हैं। जितने पुराने होते हैं, उतने ज्यादा चमकते हैं। मनोहरपुर के व्यापार जगत के कोहिनूर, सुप्रीम गैस एजेंसी के स्वामी इंद्र कुमार जी ने अपनी अर्धांगिनी के साथ दांपत्य जीवन की रजत जयंती मना ली। 28 साल का ये सफर गोविंद ओर भोलेनाथ की कृपा से बहुतअच्छा रहा ।
- जब रच गई इंद्र और इंद्राणी (सरोज )की जोड़ी
28 साल पहले शहनाई की गूंज, मंत्रों की ध्वनि और सात फेरों का वचन। उस दिन इंद्र कुमार जी को उनकी सरोज मिल गई। तब से लेकर आज तक दोनों ने हर तूफान में एक-दूसरे का हाथ थामे रखा। व्यापार की ऊंचाई हो या पारिवारिक जिम्मेदारी, ये जोड़ी हर इम्तिहान में कुंदन बनकर निकली। - वो लम्हा जब पूरा शहर बना बाराती
सालगिरह पर ना डीजे बजा, ना शराब की बोतलें खुलीं। सुबह-सुबह दोनों ने कुलदेवी के मंदिर में शीश नवाया। दोपहर होते-होते घर ‘इंद्रलोक’ बन गया। , हर कोई मुबारकबाद देने पहुंचा। शाम को 101 गरीब परिवारों के लिए भव्य भोज का आयोजन किया गया। इंद्र कुमार जी और उनकी पत्नी ने खुद अपने हाथों से परोसगारी की। - इंद्र कुमार जी के अल्फाज, सोने से तौलो
भावुक होकर इंद्र कुमार जी बोले, “लोग मुझे गैस एजेंसी का मालिक कहते हैं। पर असली एजेंसी तो मेरी पत्नी चलाती हैं। घर की एजेंसी। ये मेरी लक्ष्मी भी हैं और सरस्वती भी। व्यापार का फैसला हो या बच्चों का भविष्य, इनकी सलाह के बिना पत्ता भी नहीं हिलता। 28 साल में इन्होंने मुझे राजा बना दिया।” - भरोसे का नाम, इंद्र कुमार
सुप्रीम गैस का सिलेंडर घर-घर में भरोसे की गारंटी है। और इंद्र कुमार जी की जुबान पूरे कस्बे में गारंटी है। नाप-तौल में ईमानदारी, व्यवहार में मिठास और दिल में दरियादिली। इसी से इन्होंने ग्राहक नहीं, रिश्ते कमाए हैं। - शहर बोला, ऐसी जोड़ी को सलाम
राजनीतिक सामाजिक व धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि, “इंद्र कुमार जी ने साबित कर दिया कि सफलता सिर्फ पैसे से नहीं, संस्कारों से आती है।” गैस डीलर्स एसोसिएशन ने स्मृति चिन्ह भेंट किया
रजत जयंती पर 5 शाही संकल्प - हर साल 25 पौधे लगाएंगे, पर्यावरण बचाएंगे
- 25 गरीब कन्याओं की शादी में सहयोग करेंगे
- गैस चूल्हे की सुरक्षा पर गांव-गांव कैंप लगाएंगे
- कर्मचारियों को परिवार मानकर बोनस देंगे
- बुढ़ापे में भी पत्नी का हाथ यूं ही थामे रखेंगे