रिमझिम बारिश के बीच आधी रात जन्मे कान्हा

मंदिरों से लेकर स्कूलों तक सजी आकर्षक झांकियां, घर-घर नन्हे कान्हा ने मोहा मन
सुरेश बागड़ी की रिपोर्ट
www.daylifenews.in
मण्डावर (दौसा)। शहर में शुक्रवार को रिमझिम बारिश के बीच श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही मौसम खुशनुमा रहा। दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई, जिसका दौर देर रात तक जारी रहा। इसके बावजूद मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिरों में जयकारे गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर प्रसादी ग्रहण की और इसके बाद अपना व्रत खोला।
जन्माष्टमी के अवसर पर शहर के गढ़ रोड स्थित बगीची वाले हनुमान मंदिर, श्री निर्गुण महाराज मंदिर, ठोड़ी वाले हनुमान मंदिर, किले वाले हनुमान मंदिर, बौराड़ा कुआं मंदिर सहित क्षेत्र के दर्जनों मंदिरों में आकर्षक सजावट की गई। मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकियां सजाई गईं। इन्हें देखने के लिए दिनभर और देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही।
बाल लीलाओं की झांकियों ने मोहा मन
उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर मण्डावर एवं गढ़ हिम्मतसिंह स्थित यशोदा देवी आदर्श विद्या मंदिर सहित अन्य विद्यालयों में भी जन्माष्टमी के कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहां भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित झांकियां सजाई गईं। मथुरा से लेकर गोकुल और वृंदावन तक की कृष्ण लीलाओं को झांकियों के माध्यम से दर्शाया गया। इन्हें देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। वहीं श्री निर्गुण महाराज मंदिर में खाटू श्याम बाबा, हनुमान जी, गणेश जी, माता रानी और राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं को आकर्षक ढंग से सजाया गया।
मंदिर के संत सरयू दास महाराज ने बताया कि इस बार जन्माष्टमी पर विशेष आयोजन किए गए। खाटू श्याम बाबा और राधा-कृष्ण मंदिर में रातभर श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन किया। रात 12 बजे भगवान के जन्म के बाद प्रसादी वितरित की गई और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर अपना उपवास खोला।
अस्पताल रोड स्थित शिव मंदिर में भी श्री श्याम सेवा समिति के अध्यक्ष कपूर सेठी के नेतृत्व में जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। यहां लड्डू गोपाल की आकर्षक झांकी सजाई गई, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
घर-घर सजे नन्हे कान्हा, राधा-कृष्ण की जीवंत झांकियां बनी आकर्षण
जन्माष्टमी पर इस बार मंदिरों के साथ घरों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने घरों में लड्डू गोपाल की आकर्षक झांकियां सजाईं। वहीं नन्हे-मुन्ने बच्चों को कान्हा और राधा के रूप में सजाकर जीवंत झांकियां तैयार की गईं।
पावटा गांव में ललित तिवाड़ी की पुत्री डक्षिता शर्मा और काव्या शर्मा ने राधा-कृष्ण के रूप में आकर्षक जीवंत झांकी सजाई। उनकी झांकी की लोगों ने खूब सराहना की। शहर में भी जिन घरों में छोटे बच्चे हैं, उनके परिजन बाजार से कान्हा की पोशाक लेकर आए और बच्चों को कृष्ण के रूप में सजाया।
नन्हे कान्हाओं को देखकर घर-परिवार के साथ आसपास के लोग भी उत्साहित नजर आए। कई घरों में बच्चों को माखन खिलाने और कान्हा की बाल लीलाओं की झांकी सजाने का आयोजन किया गया। इससे जन्माष्टमी का माहौल भक्तिमय होने के साथ-साथ उत्सव और उल्लास से भर गया।

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