
www.daylifenews.in
मुंबई। भारत का म्यूचुअल फंड उद्योग तेज़ी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में फिजिकल सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) और बैंक मैंडेट पंजीकरण की प्रक्रिया अब तक पूर्ण अनुपालन और डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए कई चरणों वाली सत्यापन प्रक्रिया से होकर गुजरती रही है। डिजिटलीकरण ने पिछले कुछ वर्षों में इस प्रक्रिया को पहले की तुलना में तेज़ बनाया है, लेकिन पूरे उद्योग में फिजिकल एसआईपी पंजीकरण और उसके सक्रिय होने में अब तक औसतन 21 से 30 दिन का समय लगता था। केफिनटेक के डोमेस्टिक फंड सर्विसेज के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, प्रवीण शंकरन ने कहा, “केफिनटेक के फाइनैक्स के साथ, हमने निवेशकों के लिए प्रोसेसिंग समय को अनुकूलित करते हुए, एसआईपी को एक्टिवेट करने की प्रशासनिक यात्रा को सरल बनाने का बीड़ा उठाया है। एआई, ऑटोमेशन और इंटेलिजेंट वर्कफ़्लो डिज़ाइन को एक साथ लाकर, हमने कई हफ्तों के परिचालन ट्रैक को एक ऐसे अनुभव में बदल दिया है जो अब ज्यादातर उसी दिन पूरा हो जाता है। यह अधिक उत्तरदायी, निवेशक-केंद्रित म्यूचुअल फंड इकोसिस्टम की दिशा में एक सार्थक कदम है।”