
जाफर लोहानी
www.daylifenews.in
मनोहरपुर (जयपुर)। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर लक्ष्मीनारायण मीणा मेमोरियल ट्रस्ट, कानड़ियावाला एवम टीएसएम जमवारामगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में ‘पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ अभियान – 2026’ के तहत जमवारामगढ़ क्षेत्र में वृक्षारोपण एवं वृक्ष-वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन टीम सुमन मीणा (TSM), जमवारामगढ़ द्वारा किया गया। अभियान के तहत कानड़ियावाला, निझरा महादेव, बाड़ियावाला, भानपुरकलां, मालियों की ढाणी, नांगल तुलसीदास, सुरेड़ी, घाटा जलधारी एवं बासना सहित विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण एवं पौधों का वितरण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरियाली को बढ़ावा देना तथा आमजन को अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करना रहा।
इस अवसर पर डॉ. हर सहाय मीणा, आईएएस ने अपने संबोधन में कहा कि पेड़ केवल पर्यावरण का आधार नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की गारंटी हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और घटते भूजल स्तर जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक रूप से पौधारोपण को जनआंदोलन बनाना आवश्यक है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में पेड़ लगाने के साथ-साथ लगाए गए पौधे की देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाए।
सुमन मीणा, जमवारामगढ़ ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व आदिवासी दिवस हमारी प्रकृति, जल – जंगल – जमीन और पर्यावरण से जुड़ी आदिवासी परंपराओं एवं संस्कृति को याद करने का भी अवसर है।
आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति के संरक्षण का संदेश देता आया है। उन्होंने कहा कि इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए ‘पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ अभियान’ के माध्यम से क्षेत्र के प्रत्येक गांव में हरियाली बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि “हर साल दो पेड़ लगाएं, धरती मां का कर्ज चुकाएं। पहला पेड़ अपने लिए और दूसरा पेड़ अपनों के लिए लगाएं।” उन्होंने युवाओं एवं आमजन से अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण एवं अधिक से अधिक पौधारोपण करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि पौधों को वृक्ष बनने तक उनकी देखभाल सुनिश्चित करना है।
अभियान का संदेश:
“सांसें हो रही हैं कम, आओ पेड़ लगाएं हम।” कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पर्यावरण प्रेमियों,युवाओं एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।