पुलिस केवल वर्दी नहीं, बल्कि सुरक्षा, सेवा और अंतर्राष्ट्रीय एकता का प्रतीक : पठान

अंतर्राष्ट्रीय पुलिस सहयोग दिवस
www.daylifenews.in
आंधी के कांग्रेसी नेता नदीम पठान ने कहा कि आज 7 सितंबर को पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय पुलिस सहयोग दिवस मनाया जा रहा है। यह दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि विश्व की सभी पुलिस एजेंसियों के बीच आपसी भरोसे, तालमेल और सहयोग की भावना को मजबूत करने का वैश्विक संकल्प है।
क्यों मनाया जाता है यह दिवस ?
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2022 में 7 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय पुलिस सहयोग दिवस के रूप में घोषित किया था। इसकी पहली वर्षगांठ 2023 में मनाई गई। इसका मुख्य उद्देश्य यह रेखांकित करना है कि आज अपराध किसी एक शहर, राज्य या देश की सीमा तक सीमित नहीं है। आतंकवाद, साइबर क्राइम, ड्रग्स तस्करी, मानव तस्करी, हथियारों की तस्करी और आर्थिक अपराध जैसे जघन्य अपराध अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए संचालित हो रहे हैं। ऐसे में अकेले किसी एक देश की पुलिस इनसे नहीं लड़ सकती।
इंटरपोल की भूमिका सबसे अहम
इस वैश्विक सहयोग में सबसे बड़ी भूमिका इंटरपोल की है, जिसके 195 सदस्य देश हैं। इंटरपोल दुनिया की सबसे बड़ी पुलिस सहयोग संस्था है, जो अपराधियों की जानकारी, फिंगरप्रिंट, डीएनए डेटा और लुकआउट नोटिस को एक देश से दूसरे देश तक पहुँचाने में मदद करती है। भारत की सीबीआई इंटरपोल के लिए नोडल एजेंसी के रूप में काम करती है।
2026 की थीम – विश्वास और सहयोग से सुरक्षित विश्व
इस वर्ष इस दिवस का मुख्य संदेश है – वैश्विक न्याय के लिए साझा जिम्मेदारी। इसका अर्थ है कि दुनिया में शांति और कानून का राज तभी स्थापित हो सकता है जब सभी देशों की पुलिस एक-दूसरे पर भरोसा करे और खुफिया जानकारी को समय पर साझा करे।
भारत में भी है खास महत्व
भारत में भी इस दिवस पर विभिन्न राज्यों की पुलिस मुख्यालयों में संगोष्ठियों का आयोजन किया जाता है। राजस्थान पुलिस भी साइबर क्राइम और अंतर्राज्यीय अपराधों को रोकने के लिए अन्य राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय कर रही है। कुल मिलाकर यह दिवस हमें याद दिलाता है कि पुलिस केवल वर्दी नहीं, बल्कि सुरक्षा, सेवा और अंतर्राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *