
महामहिम राज्यपाल हरिभाऊ कृष्णराव बागड़े एवं चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर द्वारा हेमंत शर्मा जी पुत्री दीक्षा शर्मा को राज्य में प्रथम आने पर गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया
यह डिग्री वितरण समारोह नहीं, मेडिकल शिक्षा के भविष्य के संकल्प का भीः बागड़े
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जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ किशन राव बागड़े ने कहा कि दीक्षांत विद्यार्थी जीवन का नया आरम्भ है। यह केवल डिग्री और पदक वितरण का समारोह नहीं है, यह आत्म मूल्यांकन के साथ मेडिकल शिक्षा के भविष्य के संकल्प का भी है। वे शुक्रवार को बिरला ऑडिटोरियम में राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। बागड़े ने कहा कि भारत ने विश्व को शून्य का ज्ञान दिया। शून्य के ज्ञान से ही विश्व को गिनती आई। मुख्य अतिथि चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि आरयूएचएस को एम्स की तर्ज पर देश के उच्च स्तर के चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्य वक्ता डॉ. विकास महात्मे ने कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और मानवीय संवेदनाओं का माध्यम है। आरयूएचएस के कुलगुरु डॉ. प्रमोद येवले उपस्थित थे। जिन्होंने विवि की उपलब्धियों की जानकारी दी।
समारोह के बाद उसी दिन 47,744 छात्र-छात्राओं की डिग्रियों को नेशनल एकेडेमी डिपोजिटरी (एनएडी) पोर्टल पर डिजिटल रूप में अपलोड करना एक अच्छी पहल है। समारोह में 17 में से 12 गोल्ड मेडल बेटियों के नाम है। इसके अलावा दो प्रायोजित गोल्ड मेडल भी दिया है। समारोह में 36 उपाधियां, 23 डीएम-एमसीएच टॉपर्स को भी सम्मानित किया।