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जयपुर। जयपुर सेंटर फॉर आर्ट (जेसीए) ने आरएमज़ेड फाउंडेशन के सहयोग से कलाकार जोड़ी हाइलोज़ोइक/डिज़ायर्स – हिमाली सिंह सोइन और डेविड सोइन टैपेसेर की प्रदर्शनी ‘सॉल्ट लाइन्स’ सिटी पैलेस परिसर स्थित जेसीए में 9 अगस्त तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी। ‘सॉल्ट लाइन्स’ भारत के इतिहास के उस लगभग भुला दिए गए अध्याय को सामने लाती है, जिसे इनलैंड कस्टम्स लाइन कहा जाता है। इसे ईस्ट इंडिया कंपनी और बाद में ब्रिटिश राज ने नमक पर अपना एकाधिकार लागू करने के लिए बनाया था। हाइलोज़ोइक/डिज़ायर्स (हिमाली सिंह सोइन और डेविड सोइन टैपेसेर) ने कहा, “जेसीए के ठंडे और शांत वातावरण में ‘सॉल्ट लाइन्स’ आपको याद दिलाएगी कि कांटों से भरे ये देशज पौधे औषधीय गुण भी रखते हैं।” आरएमज़ेड फाउंडेशन की चेयर अनु मेंडा ने कहा, “गहन शोध और काव्यात्मक कथाओं से सजी ‘सॉल्ट लाइन्स’ हमें अपने आसपास की दुनिया को और करीब से देखने के लिए प्रेरित करती है।” जयपुर सेंटर फॉर आर्ट के सह-संस्थापक एचएच महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह और नोएल कदार ऑफ जयपुर ने कहा, “‘सॉल्ट लाइन्स’ प्रदर्शनी इतिहास को सामने लाती है – सांभर झील पर कब्जा, इस भूभाग को चीरती हुई सीमा, और वह नमक जिस पर कर लगाया गया, जिसकी तस्करी हुई और जिसके लिए संघर्ष हुआ – वह जयपुर के लिए कोई अमूर्त इतिहास नहीं, बल्कि हमारा अपना इतिहास है।”