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मुंबई। सॉल्फिन सस्टेनेबल फाइनेंस ने हाल ही में पूरे हुए फंडिंग राउंड में ₹280 करोड़ जुटाए और कंपनी परिचालन शुरू होने के बस एक साल पूरे होते ही मुनाफे में आ गई। यह शुरुआती दौर के एनबीएफसी के लिए बड़ी उपलब्धि है, साथ ही यह इस बात का भी संकेत है कि भारत में ऊर्जा से जुड़े भविष्य के लिए वित्तपोषण के तरीके में बदलाव आ रहा है। सॉल्फिन के सह-संस्थापक, गौतम कौशिक और प्रमोद महंत ने कहा, “भारत में स्वच्छ ऊर्जा को तेज़ी से अपनाए जाने की प्रक्रिया हमारी पीढ़ी के लिए बुनियादी ढांचे के लिहाज़ से विशाल अवसर है, लेकिन यह तभी आगे बढ़ेगा जब इसे वित्तपोषण मिलेगा। हमने सॉल्फिन की स्थापना वित्तपोषण के आड़े आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए की ताकि चाहे किसी व्यक्ति का घर टियर-3 शहर में हो, चाहे वह किसी औद्योगिक संकुल (इंडस्ट्रियल क्लस्टर) में फैक्ट्री का मालिक हो, या फिर वह कोई राष्ट्रीय ईपीसी कंपनी हो, इन सभी को समान रूप से तेज़ी से, पारदर्शी तरीके से और टेक्नोलॉजी-आधारित शर्तों पर पूंजी उपलब्ध हो।”