प्रदेश कांग्रेस द्वारा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को भंग करने की मांग

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जयपुर। नीट-2026 की परीक्षा का पेपर लीक होने पर परीक्षा निरस्त होने के विरोध में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर जिला कांग्रेस कमेटियों द्वारा केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को भंग करने की मांग करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया गया और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला जलाया।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा में कहा कि देश में नीट की परीक्षा सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक है और वर्ष 2024-2025 के साथ ही वर्ष 2026 की परीक्षा का पेपर भी लीक हुआ है जिससे देश भर के 22 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ केंद्र सरकार ने खिलवाड़ करने का काम किया है।
श्री डोटासरा ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री नीट परीक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करते रहे पिछली परीक्षा में भी धांधली की खबरें थी किंतु परीक्षा आयोजित करवाने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के बचाव में रहे। इस वर्ष आयोजित नीट 2026 की परीक्षा का पेपर लीक होने पर जवाब नहीं दे रहे और मुँह छुपा रहे हैं, आश्चर्य की बात यह है कि जो एक संस्था एनजीओ है और भारतीय जनता पार्टी के लिए कार्य करती है उसे इतनी बड़ी परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी भाजपा ने दी हुई है नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा कराई गई परीक्षाओं में अधिकांश परीक्षाओं के पेपर लीक हुए और परीक्षाएं भी निरस्त हुई किंतु नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के विरूद्ध ना तो कोई ठोस कार्रवाई केंद्र सरकार ने की, ना ही कार्य प्रणाली में सुधार के लिए कदम उठाए। नीट 2026 की परीक्षा के पेपर लीक होने से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की क्षमता उजागर हो गई यह संस्थान ना तो सरकारी है ना ही सरकार से संबंधित है केवल इसलिए केंद्र सरकार ने कार्य दिया हुआ है कि भाजपा के लिए डाटा इकट्ठा हो सके और उसका चुनाव में दुरुपयोग किया जा सके, पेपर माफिया भाजपा शासन में हावी है। सीबीआई जांच निष्पक्षता के साथ होनी चाहिए क्योंकि यदि पिछली परीक्षा के समय सीबीआई से जांच हो जाती तो इस बार 22 लाख बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होता प्रश्न यह है कि राजस्थान में पेपर लीक की जानकारी मिलने पर एफआईआर दर्ज क्यों नहीं हुई केवल राजस्थान सरकार को बदनामी से बचाने के लिए एफआईआर दर्ज नहीं हुई। भाजपा की केंद्र सरकार बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है वास्तविकता में इस पूरे प्रकरण की जांच ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी से अथवा उच्चतम न्यायालय के रिटायर्ड जज से न्यायिक जांच करवाया जाना आवश्यक है किंतु भारतीय जनता पार्टी केवल लीपापोती कर रही है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी के नेता आरोप लगाकर सत्ता लूटना जानते हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर जमकर आरोप लगाए किंतु अब न्यायिक जांच से बच रहे हैं वास्तविकता में पेपर लीक गिरोह भाजपा के संरक्षण में चल रहा है राजस्थान से मास्टरमाइंड पकड़े गए पिछली परीक्षा में भी उनके परिवार के बच्चे बड़ी संख्या में पास हुए थे। प्रकरण में गिरफ्तार मास्टरमाइंड का भारतीय जनता पार्टी से संबंध पूरी तरह उजागर हो चुका है बड़े-बड़े नेताओं के साथ उनके संबंध सामने आए हैं ऐसी स्थिति में ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी अथवा सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से ही जांच करवाया जाना आवश्यक है। (पीसीसी प्रेसनोट)

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