तकनीकी विकास

लेखिका : लता अग्रवाल
चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)।
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एआई, गुगल चेट जीपीटी जैसी तकनीक के पास हर सवाल का जवाब है। इससे पढ़ने वाले बच्चों को सुविधा तो मिल गई पर हमने प्रकृति द्वारा दिया गया सोचने समझने की बुद्धि का ज्ञान और सवाल के जवाब सोचने के लिए बुद्धि व दिमाग का इस्तेमाल कर उस का हल खोजने की बजाय सीधे इस तकनीक से हर सवाल का जवाब ढूंढ़ लेते हैं और अपने दिमाग का इस्तेमाल करना बंद कर दिया और अपनी कुशलता को खुद ने ही जाम कर दिया और छोटी सी बात के लिए इन पर निर्भर हो गये अपने दिमाग़ पर जोर डाल कर हलनिकालने की बजाय तकनीकी पर ध्यान दें रहे हैं। धीरे-धीरे खुद की कार्य कुशलता में और दिमाग पर असर पड़ता है।

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