
सीमांकन होने तक निर्माण कार्य स्थगित, जिला कलेक्टर को ईडीएम मशीन से डिमार्केशन कराने के निर्देश
जाफर लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। थाना क्षेत्र के खोजावाला स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर प्रस्तावित फुटओवर ब्रिज का निर्माण फिलहाल नहीं होगा। राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर खंडपीठ ने विवादित खातेदारी भूमि पर निर्माण कार्य पर सीमा निर्धारण (डिमार्केशन) होने तक रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला कलेक्टर को ईडीएम मशीन से भूमि का सीमांकन कराने के आदेश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, खोजावाला में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा फुटओवर ब्रिज का निर्माण प्रस्तावित किया गया था। आरोप है कि निर्माण के दौरान प्राधिकरण ने उचित स्थान का चयन नहीं कर खातेदारी भूमि पर ही गड्ढे खोदकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। इस पर खातेदार एवं अधिवक्ता खेमचंद यादव ने अधिकारियों के समक्ष विरोध दर्ज कराते हुए खातेदारी भूमि पर निर्माण नहीं करने की मांग की, लेकिन समाधान नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर खंडपीठ के न्यायाधीश आनंद शर्मा ने 2 जुलाई 2026 को आदेश पारित किया। न्यायालय ने विवादित भूमि पर फिलहाल फुटओवर ब्रिज निर्माण की अनुमति नहीं दी तथा जिला कलेक्टर को ईडीएम मशीन से भूमि का सीमांकन कराने के निर्देश दिए। सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने तक निर्माण कार्य पर रोक रहेगी।
खेमचंद यादव का आरोप है कि 24 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें तथा उनके परिवार के 10 सदस्यों को थाने में बैठा दिया। इसी दौरान उनकी खातेदारी भूमि पर फुटओवर ब्रिज निर्माण के लिए गड्ढे खोद दिए गए। उनका कहना है कि उस समय मामला सिविल न्यायाधीश शाहपुरा के न्यायालय में लंबित था, इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
घटना की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता थाने पहुंचे और विरोध दर्ज कराया। विरोध के बाद खेमचंद यादव एवं उनके परिजनों को रिहा किया गया तथा निर्माण कार्य रोक दिया गया। इसके बाद उन्होंने राजस्थान उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने स्थगन आदेश पारित करते हुए सीमांकन होने तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए।