शेखावाटी की संस्कृति को नई पहचान दे रहे कवि कमल मनोहर

त्रिवेणी धाम से हुआ भव्य लोकगीत ‘भजनलाल जी यमुना लाया म्हारी शेखावाटी में’ का शुभारंभ
जाफर लोहानी
www.daylifenews.in
मनोहरपुर (जयपुर)। राजस्थान की लोक संस्कृति और शेखावाटी की आस्था को नई पहचान देने की दिशा में कवि कमल मनोहर का एक और रचनात्मक प्रयास चर्चा का विषय बना हुआ है। त्रिवेणी धाम में श्रद्धा और उत्साह के वातावरण के बीच उनके नवीन राजस्थानी लोकगीत “भजनलाल जी यमुना लाया म्हारी शेखावाटी में” का भव्य पोस्टर विमोचन किया गया।
पूज्य संत रामऋषिपाल जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साहित्य प्रेमी और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने कवि कमल मनोहर की इस रचना को शेखावाटी की संस्कृति, लोक आस्था और जनभावनाओं का सशक्त प्रतिनिधित्व बताते हुए उनकी सराहना की।
इस लोकगीत को युवा लोकगायक प्रकाश गुर्जर ने अपनी मधुर और भावपूर्ण आवाज़ से सजाया है, जिससे गीत और भी प्रभावशाली बन गया है। गीत में शेखावाटी की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और क्षेत्रीय गौरव को बेहद सहज और मार्मिक शब्दों में प्रस्तुत किया गया है।
कवि कमल मनोहर ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि राजस्थान की लोक संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। यही कारण है कि यह गीत रिलीज़ होते ही सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और श्रोताओं से भरपूर प्रशंसा प्राप्त कर रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कवि कमल मनोहर लगातार अपनी रचनाओं के माध्यम से शेखावाटी की पहचान को प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। यह लोकगीत भी उसी श्रृंखला की एक यादगार और प्रेरणादायक प्रस्तुति माना जा रहा है।

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