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नई दिल्ली। भारत के लाखों परिवारों के लिए एक गंभीर बीमारी वर्षों की जमा-पूंजी को खत्म कर सकती है। देश की करीब आधी आबादी अब किसी न किसी स्वास्थ्य बीमा या स्वास्थ्य वित्तपोषण योजना के दायरे में है, लेकिन इसके बावजूद कई परिवार अब भी पर्याप्त बीमा कवर से वंचित हैं। गंभीर बीमारी के इलाज की लागत मौजूदा बीमा कवर से कहीं अधिक हो जाने के कारण परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। केयर हेल्थ इंश्योरेंस ने परिवारों से स्वास्थ्य बीमा को केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि मेडिकल इमरजेंसी के वित्तीय असर से सुरक्षा देने वाले जरूरी साधन के रूप में देखने की अपील की है। पर्याप्त स्वास्थ्य बीमा अब वैकल्पिक खर्च नहीं, बल्कि वित्तीय योजना का एक जरूरी हिस्सा बन चुका है। नियमित रूप से स्वास्थ्य बीमा की समीक्षा करने और पर्याप्त कवर सुनिश्चित करने से परिवार अपनी बचत को सुरक्षित रख सकते हैं, मेडिकल इमरजेंसी के दौरान आर्थिक संकट से बच सकते हैं और अपनी वित्तीय मजबूती बढ़ा सकते हैं। केयर हेल्थ इंश्योरेंस ने कहा कि वह बीमा संबंधी जागरूकता बढ़ाने, स्वास्थ्य खर्च के लिए वित्तीय तैयारी को प्रोत्साहित करने और लोगों व परिवारों को ऐसे सूचित निर्णय लेने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के लिए उनकी वित्तीय तैयारी को मजबूत करें।