डा हर सहाय मीणा ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का किया आह्वान

वृक्षमित्रों का सम्मान, पौधारोपण एवं संरक्षण का लिया सामूहिक संकल्प
जाफर लोहानी
www.daylifenews.in
मनोहरपुर (जयपुर)। पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण एवं प्रकृति के प्रति जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्री लक्ष्मी नारायण मीणा मेमोरियल ट्रस्ट एवं टीम सुमन मीणा (TSM), जमवारामगढ़ के तत्वावधान में ‘पेड़ लगाओ–जीवन बचाओ अभियान 2026’ के अंतर्गत वृक्षमित्र सम्मान समारोह का भव्य आयोजन श्री नायला भोमिया बाबा मंदिर परिसर, क्यारा झोल, ग्राम पंचायत मनोटा, तहसील जमवारामगढ़ में किया गया।
समारोह में क्षेत्र के हजारों की संख्या में ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं पर्यावरणप्रेमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लगभग चार सौ वृक्षमित्रों को सम्मानित किया गया तथा उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं सुरक्षा करने का सामूहिक संकल्प लिया।
समारोह में प्रशासनिक, सामाजिक एवं पर्यावरण क्षेत्र से जुड़े अनेक विशिष्ट अतिथियों ने सहभागिता की तथा अपने संबोधनों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का संदेश दिया।
डा हर सहाय मीणा ने किया पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डा हर सहाय मीणा आईएएस ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज के समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक है। विकास के साथ प्रकृति और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पेड़ केवल हरियाली का माध्यम नहीं हैं, बल्कि स्वच्छ वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता और स्वस्थ जीवन के आधार हैं।
उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक लगाए गए पौधे को वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल एवं सुरक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं और महिलाओं से पर्यावरण संरक्षण के कार्य में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
उन्होंने ‘पेड़ लगाओ–जीवन बचाओ अभियान’ से जुड़े वृक्ष मित्रों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों को सामाजिक संस्थाओं एवं आमजन की भागीदारी से जोड़कर ही पर्यावरण संरक्षण को व्यापक जनआंदोलन का रूप दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने समारोह में सम्मानित वृक्षमित्रों को बधाई देते हुए उनके कार्यों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
डॉ. अशोक गुप्ता ने पर्यावरण को मानवाधिकार से जोड़ा
डॉ. अशोक गुप्ता, आईपीएस (सेवानिवृत्त), सदस्य राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग ने कहा कि स्वच्छ हवा, स्वच्छ पानी और स्वस्थ वातावरण प्रत्येक व्यक्ति के जीवन से सीधे जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि पौधा लगाने के साथ उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने आसपास लगाए गए पौधों को परिवार के सदस्य की तरह संरक्षण दें।
डॉ. मोहन लाल यादव ने युवाओं को अभियान से जोड़ने पर दिया जोर
डॉ. मोहन लाल यादव, आईएएस (सेवानिवृत्त), पूर्व जिला कलेक्टर करौली ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने प्रशासनिक अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक प्रयासों से बड़े स्तर पर हरित क्षेत्र विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने युवाओं से आगे आकर पौधारोपण अभियान का नेतृत्व करने तथा प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया।
केसर लाल मीणा ने प्रकृति को बताया समाज की सामूहिक धरोहर
केसर लाल मीणा, आईएएस, सदस्य राजस्थान मंडल, अजमेर ने कहा कि प्रकृति किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक धरोहर है। इसलिए इसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी हम सभी की है।
उन्होंने कहा कि वृक्षमित्रों द्वारा किया जा रहा कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी है। ऐसे लोगों का सम्मान करने से पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार होता है और अन्य लोग भी इस कार्य के लिए प्रेरित होते हैं।
जय नारायण मीणा ने अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने का किया आह्वान
जय नारायण मीणा, आरएएस ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को किसी एक दिवस अथवा कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इसे निरंतर चलने वाला सामाजिक अभियान बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में पौधारोपण के साथ पौधों की सुरक्षा की व्यवस्था हो तथा युवा एवं सामाजिक संगठन इसमें सक्रिय भूमिका निभाएं।
श्रीमती नीलम मीणा ने महिलाओं की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
श्रीमती नीलम मीणा, आरएएस ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिलाएं अपने परिवार और समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने के साथ पौधों की देखभाल में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
उन्होंने अधिक से अधिक महिलाओं को इस अभियान से जोड़ने की आवश्यकता बताई।
बत्ती लाल मीणा ने शिक्षा के माध्यम से पर्यावरण चेतना पर दिया जोर
बत्ती लाल मीणा, आरएएस, प्राचार्य आर.ए.ए. अकादमी, जयपुर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत बच्चों और युवाओं में जागरूकता पैदा करने से होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में पौधारोपण को केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बनाया जाए, बल्कि विद्यार्थियों को पौधों की जिम्मेदारी देकर उन्हें प्रकृति के साथ जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही भविष्य के पर्यावरण प्रहरी बनेंगे।
सुरेश चंद मीणा ने सामुदायिक सहभागिता पर दिया जोर
सुरेश चंद मीणा, आरसीएस, उप रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग, दौसा ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही बड़े सामाजिक परिवर्तन संभव हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को भी सामुदायिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि गांव के लोग मिलकर सार्वजनिक स्थानों पर पौधारोपण करें और उनकी सामूहिक सुरक्षा सुनिश्चित करें।
हनुमान सहाय मीणा ने कहा—पौधा लगाना शुरुआत, वृक्ष बनाना लक्ष्य
उन्होंने कहा कि पौधा लगाना केवल शुरुआत है। वास्तविक सफलता तब होगी, जब वह पौधा सुरक्षित रहकर एक मजबूत वृक्ष का रूप लेगा।
उन्होंने उपस्थित लोगों से नियमित सिंचाई, सुरक्षा और संरक्षण के माध्यम से पौधों को बचाने का आह्वान किया तथा कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा।
डॉ. राम नारायण मीणा ने बताया वृक्षों का वैज्ञानिक महत्व
डॉ. राम नारायण मीणा, प्रोफेसर ने वृक्षों के वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वृक्ष वायु की गुणवत्ता सुधारने, तापमान को नियंत्रित करने, जल संरक्षण, मृदा संरक्षण तथा जैव विविधता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि बदलती जलवायु परिस्थितियों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण के साथ वृक्ष संरक्षण की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है।
आयोजक सुमन मीणा ने कहा—अभियान को जनआंदोलन बनाना हमारा लक्ष्य
कार्यक्रम की आयोजक एवं श्री लक्ष्मी नारायण मीणा मेमोरियल ट्रस्ट तथा टीम सुमन मीणा (TSM) की अध्यक्ष सुमन मीणा ने अपने संबोधन में कहा कि ‘पेड़ लगाओ–जीवन बचाओ अभियान’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य का संकल्प है।
उन्होंने कहा कि आज जरूरत केवल पौधे लगाने की नहीं, बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे को वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने की है। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से गांव-गांव तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाया जाएगा और युवाओं, महिलाओं एवं ग्रामीणों को इससे जोड़ा जाएगा।
सुमन मीणा ने ‘एक व्यक्ति–एक पौधा और एक पौधे की पूरी जिम्मेदारी’ के संकल्प को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने समारोह में उपस्थित मुख्यमंत्री, सभी विशिष्ट अतिथियों, वृक्षमित्रों, ग्रामीणों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि सामाजिक संस्थाओं और आमजन के सहयोग से जमवारामगढ़ क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को एक स्थायी एवं व्यापक अभियान का रूप दिया जाएगा।
समापन पर डॉ. हर सहाय मीणा ने दिया भावी पीढ़ी के लिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के अंत में ट्रस्ट संरक्षक डॉ. हर सहाय मीणा, आईएएस ने उपस्थित अतिथियों, वृक्षमित्रों, ग्रामीणों, युवाओं एवं महिलाओं को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। प्रकृति ने हमें जो संसाधन दिए हैं, उनका संरक्षण करना और उन्हें सुरक्षित रूप में अगली पीढ़ी को सौंपना हम सभी का नैतिक दायित्व है।
डॉ. मीणा ने कहा कि “पौधा लगाना एक शुभ शुरुआत है, लेकिन उसे वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना उससे भी बड़ी जिम्मेदारी है।” उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कुछ पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल की जिम्मेदारी ले तो आने वाले वर्षों में गांवों और शहरों की तस्वीर बदली जा सकती है।
उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान करते हुए कहा कि युवा शक्ति को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ‘पेड़ लगाओ–जीवन बचाओ’ अभियान को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखकर निरंतर जनअभियान बनाया जाना चाहिए।
डॉ. हर सहाय मीणा ने समारोह में सम्मानित सभी वृक्षमित्रों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रकृति की निस्वार्थ सेवा करने वाले लोग समाज के वास्तविक प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों का सम्मान अन्य नागरिकों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने की प्रेरणा देगा।
उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से आह्वान किया—
“एक पौधा लगाएं, उसकी जिम्मेदारी उठाएं और उसे वृक्ष बनाकर ही दम लें।”
डॉ. मीणा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी अतिथियों, वृक्षमित्रों, ग्रामीणों, कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया तथा सुमन मीणा, श्री लक्ष्मी नारायण मीणा मेमोरियल ट्रस्ट एवं टीम सुमन मीणा (TSM) द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
वृक्षमित्रों का सम्मान और पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प
समारोह के दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं पौधारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वृक्षमित्रों को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने सम्मानित वृक्षमित्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि समाज में प्रकृति के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित करना स्वयं पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने, लगाए गए पौधों की सुरक्षा एवं देखभाल करने और पर्यावरण संरक्षण को जनजीवन का हिस्सा बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
समारोह ने जमवारामगढ़ क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सहभागिता और भावी पीढ़ी के लिए हरित भविष्य निर्माण का प्रभावी संदेश दिया।
“पेड़ लगाओ–जीवन बचाओ, पर्यावरण बचाओ–भविष्य बचाओ” के संदेश के साथ इस वर्ष का पेड़ लगाओ जीवन बचाओ अभियान का समापन समारोह का समापन हुआ।

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