

एक माह पहले इसी मकान की चारदीवारी भी गिर चुकी थी
सुरेश बागड़ी की रिपोर्ट
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मण्डावर (दौसा)। मण्डावर में रेलवे डबल लाइन निर्माण में लगे मजदूरों की जान से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। भूड़ा मोड़ के समीप बांदीकुई-मण्डावर रोड पर पेट्रोल पंप के सामने एक खंडहर मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय चार मजदूर तेज गर्मी से बचने के लिए छत पर सोने गए थे। छत गिरते ही चारों मजदूर मलबे में दब गए। धमाके जैसी आवाज सुनकर पास के कमरे में सो रहे अन्य मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। मजदूरों ने आनन-फानन में मलबा हटाकर चारों को बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मण्डावर पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चारों की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल दौसा रेफर कर दिया गया।
घायलों की पहचान कमल, श्याम सिंह पुत्र रामचंद्र राजपूत निवासी बीसरा पेडबाई, जिला रामपुर (उत्तरप्रदेश), अशोक और शिवदयाल निवासी बीतखेड़ा, मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश) के रूप में हुई है। सीएचसी में चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीसी मीणा ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया।
एक माह पहले दीवार गिरी, तब भी नहीं चेताया
मजदूरों के साथ रह रहे लोगों और मकान मालिक के अनुसार यह मकान रेलवे के ठेकेदार ने करीब 5 हजार रुपए महीने किराए पर ले रखा है। मकान में बिजली-पानी की पर्याप्त सुविधा तक नहीं है। मजदूरों ने बताया कि रात में गर्मी अधिक होने के कारण चार मजदूर छत पर सोने चले गए थे। छत पर पहुंचते ही वह भरभराकर नीचे आ गिरी।
मकान मालिक ने बताया कि करीब एक माह पहले इसी मकान की चारदीवारी भी गिर चुकी थी। चारदीवारी के पास रेलवे ठेकेदार ने कबाड़ा जमा कर रखा था। उसके दबाव से दीवार गिर गई थी। उस समय भी मजदूर मलबे में दबने से बाल-बाल बचे थे। मकान मालिक का कहना है कि उसने ठेकेदार को मकान खाली करने के लिए कई बार कहा, लेकिन मकान खाली नहीं करवाया गया। उनका यह भी कहना है कि उन्होंने मजदूरों को छत पर नहीं चढ़ने की हिदायत दे रखी थी।
डबल लाइन निर्माण में सैकड़ों मजदूर, सुविधाओं के नाम पर खानापूर्ति
बांदीकुई-आगरा रेल मार्ग पर चल रहे डबल लाइन निर्माण कार्य में यूपी-बिहार सहित दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में मजदूर लाकर लगाए गए हैं। आरोप है कि ठेकेदार सस्ते किराए के चक्कर में मजदूरों को टूटे-फूटे और जर्जर मकानों में रख रहे हैं। कई जगह बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
मजदूरों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरण भी नहीं दिए जा रहे। कई मजदूर बिना हेलमेट और दस्तानों के काम करते नजर आते हैं। मण्डावर-महवा रोड रेलवे स्टेशन, घोंसराना सहित आसपास के रेलवे स्टेशनों पर डबल लाइन निर्माण कार्य चल रहा है, जहां बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे हैं।
पहले भी हो चुका हादसा, फिर भी नहीं जागे जिम्मेदार
हाल ही में मण्डावर-महवा रोड रेलवे स्टेशन के पास सिंगल कॉलोनी क्षेत्र में निर्माण कार्य के दौरान पाइपलाइन रेलवे की विद्युत लाइन के संपर्क में आ गई थी। हादसे में दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें एक की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बावजूद मजदूरों की सुरक्षा को लेकर ठेकेदारों और संबंधित रेलवे अधिकारियों की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने के आरोप लग रहे हैं। अब खंडहर मकान की छत गिरने से चार मजदूरों के गंभीर घायल होने के बाद एक बार फिर निर्माण कार्य में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। समाचार लिखे जाने दे इस संबंध में थाने में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है पुलिस ने बताया कि घायल चारों मजदूरों का मेडिकल करवा दिया गया है।