
जाफर लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। मनोहरपुर ने इतिहास लिख दिया। डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135 वीं जयंती पर नगरपालिका मनोहरपुर की सड़कें सिर्फ सड़कें नहीं रहीं – ‘समता का राजपथ’ बन गईं। डॉ. भीमराव अम्बेडकर सेवा समिति, मनोहरपुर के बैनर तले सर्व समाज ने ऐसी भव्य शोभायात्रा निकाली कि देखते ही बना – ये भीड़ नहीं, बाबा साहेब का संविधान चल रहा है।
- सीन 1: दोपहर 12 बजे, बंगाली मोहल्ला – जहां से उठा नीला तूफान
ढोल-नगाड़े, DJ पर ‘बाबा तेरा मिशन अधूरा’, और आसमान से होती पुष्प वर्षा। बंगाली मोहल्ले से जैसे ही पहली झांकी निकली, पूरा कस्बा ‘जय भीम’ से गूंज उठा।
आयोजित समिति के सदस्य शशिकांत बेनीवाल* ने बताया, 135वीं जयंती है। 135 साल पहले जो बच्चा मटका छूने के लिए तरसा, आज उसी के नाम पर पूरा मनोहरपुर नाच रहा है। ये ताकत है कलम की, किताब की। - रूट मैप: जहां-जहां से गुजरी रैली, वहां-वहां जगा ‘स्वाभिमान’ बंगाली मोहल्ला → शिव धाम → बस स्टैंड → मुख्य बाजार → गांधी चौक – करीब 3 किलोमीटर का ये रास्ता 4 घंटे में तय हुआ। क्यों? क्योंकि हर 10 कदम पर छतों से फूल बरस रहे थे, हर दुकान पर आतिशबाजी हो रही थी, हर मोड़ पर बुजुर्ग आशीर्वाद दे रहे थे।
गांधी चौक पर जब बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए गए, तो लगा मानो संविधान ने खुद झुककर जनता का सलाम कबूल किया हो। - झांकियां नहीं, चलती-फिरती पाठशाला थी वो
- संविधान पुरुष : 2 साल 11 महीने 18 दिन की तपस्या करती झांकी – बाबा साहेब कलम लिए, ड्राफ्टिंग कमेटी साथ।
- महाड़ का पानी : चवदार तालाब पर पहला घूंट – पानी का हक सबका है।
- शेरनी का दूध : स्कूल जाती बच्चियों की झांकी – हाथ में तख्ती ‘शिक्षित बनो’।
- हिंदू कोड बिल : महिलाओं को संपत्ति का हक दिलाती ऐतिहासिक झलक।
- समता का भारत : पंडित, मौलवी, पादरी, ग्रंथी – सब एक झांकी में, हाथ में संविधान।
- पूर्व संध्या: जब तारों से होड़ लेने लगे दीये
13 अप्रैल की रात मनोहरपुर ने नींद नहीं ली। अम्बेडकर सर्किल पर भव्य आतिशबाजी, कैंडल लाइट मार्च, नीले गुब्बारों का आसमान और सांस्कृतिक कार्यक्रम* हुए।
बच्चों ने नाटक किया – ‘मैं भीम बनूंगा’। युवाओं ने मशाल जुलूस निकाला। बुजुर्गों ने बाबा साहेब के किस्से सुनाए। - “ये समिति नहीं, परिवार है” – वो 25 नाम जिन्होंने रचा इतिहास
डॉ. भीमराव अम्बेडकर सेवा समिति, मनोहरपुर के शशिकांत बेनीवाल, गोकुल मोहनपुरिया, बी.एस. बेनीवाल, जगमाल असवाल, राजा चौहान, पवन वाल्मीकि, खेमचंद असवाल, मनीष बेनीवाल, रवि प्रकाश बेनीवाल, पीसीएस कुंदन बेनीवाल, राजेश खाजोतिया, कृष्ण अवतार, रामधन, कुलदीप, महिपाल गुर्जर, संपूर्ण शर्मा, संतोष जी मांड्या, रवि बेनीवाल, हेमंत बेनीवाल, दिनेश बेनीवाल, दीपक बेनीवाल, रोशन बेनीवाल, अमित बेनीवाल – ये नाम नहीं, नींव के पत्थर हैं।
कांग्रेसी नेता दिगराज सिंह द्वारा ठंडे पानी की स्टाल लगाई गई सिंह बोले, “हम राजपूत हैं, पर आज बाबा साहेब के सिपाही हैं। - शशिकांत बेनीवाल का एलान: अगले साल 136 झांकियां
शशिकांत बेनीवाल ने कहा, ये 135 वीं जयंती है, अगले साल 136 झांकियां निकालेंगे। बाबा साहेब ने हमें ‘हक’ दिया, हम ‘शुक्र’ अदा कर रहे हैं। मनोहरपुर का सर्व समाज आज एक हुआ है – बेनीवाल भी, गुर्जर भी, वाल्मीकि भी, शर्मा भी। यही भारत है, यही संविधान है।