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जयपुर। राजस्थान प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गणेश घोघरा ने बताया कि प्रदेश में सम्भाग स्तर पर आदिवासी कांग्रेस द्वारा कल दिनांक 16 अप्रैल, 2026 को महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सम्भागीय आयुक्त को देकर देशभर के आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठनों की ओर से भारत सरकार से मांग की जायेगी कि आगामी जनगणना में आदिवासी समुदाय के लिए पृथक एवं स्पष्ट आदिवासी कोड लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि भारत की जनगणना देश की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संरचना को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। वर्तमान में आदिवासी समुदायों की पहचान, परंपराएं, भाषाएं और धार्मिक मान्यताएं अक्सर सामान्य श्रेणियों में समाहित हो जाती हैं, जिससे उनकी वास्तविक स्थिति और पहचान स्पष्ट रूप से सामने नहीं आ पाती। उन्होंने बताया कि सम्भागीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर निम्न प्रमुख मांगे मानने का अनुरोध किया जायेगा :-
जनगणना प्रपत्र में आदिवासी परंपरा के लिए पृथक कोड प्रदान किया जाए।
आदिवासी समुदायों की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को अलग से दर्ज किया जाए।
डेटा संग्रहण के दौरान स्थानीय प्रतिनिधियों और जानकार व्यक्तियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
आदिवासी क्षेत्रों में जनगणना प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुलभ बनाया जाए।
श्री घोघरा ने कहा कि इस पहल से निम्नलिखित बातों का फायदा होगा :-
आदिवासी समुदाय की वास्तविक जनसंख्या और स्थिति का सही आंकलन
सरकारी योजनाओं एवं नीतियों को अधिक प्रभावी बनाना
सांस्कृतिक विरासत और पहचान का संरक्षण
सामाजिक न्याय और समान अधिकारों को बढ़ावा
राजस्थान प्रदेश आदिवासी कांग्रेस सरकार से आग्रह करती हैं कि इस विषय की गंभीरता को समझते हुए उचित कदम उठाए जाएं, ताकि आदिवासी समुदाय को उनकी वास्तविक पहचान और अधिकार मिल सके। यह जानकारी संगठन महासचिव हरगुण भोपर ने प्रेस विज्ञप्ति मे दी।