
अपनी संस्कृति और श्रद्धा से जुड़े रहना आवश्यक, बच्चों को शिक्षित करें साथ ही संस्कृति और परंपरा से भी आत्मसात करायें- राज्यपाल
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जयपुर। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे गुरुवार को बहरोड़ क्षेत्र के ग्राम बिजोरावास पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा बिशाह मंदिर परिसर में आयोजित शिव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान से पूजा अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
राज्यपाल श्री बागडे ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान शिव अज्ञान और नकारात्मकता के अंधकार को मिटाकर जीवन में ज्ञान और सकारात्मकता का प्रकाश लाने वाले हैं। राज्यपाल ने भारतीय इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं और उनके महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवाओं द्वारा अपनी परंपरा और संस्कृति को आत्मसात करना, सांस्कृतिक पहचान, मूल्य और निरंतरता को जीवित रखने के लिए आवश्यक है। यह आधुनिकता के साथ सामंजस्य बैठाते हुए अपनी जड़ों से जुड़े रहने और एक सशक्त समाज व राष्ट्र के निर्माण में योगदान देता है।
श्री बागडे ने कहा कि सड़कों पर बेसहारा घूमते नंदी (बैलों) का संरक्षण एक प्रमुख मुद्दा है, जिसके लिए सामुदायिक भागीदारी और सरकारी प्रयासों जैसे गोग्रास और गौशालाओं में आश्रय की आवश्यकता है। राजस्थान सरकार द्वारा विशेष अभियान चलाकर नंदियों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। राजस्थान सरकार द्वारा नंदी (बैलों) के पालन और उनसे खेती को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष योजना चलाई जा रही है, जिसके तहत किसानों को हर साल 30 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा सकती है।