
जाफर लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। बुजुर्गाने दीन के खिदमतगार अब्दुल अज़ीज़ लोहानी ने कहा की वली के दीवाने रंजो गम से मुरझाए नहीं करते हैं यह शब्द लोहानी ने हजरत बावड़ी वाले सैय्यद बाबा रहमतुल्लाह अलैह के वार्षिक उर्स में शिरकत करने के बाद में कहे
लोहानी ने कहा की हजरत बावड़ी वाले सैय्यद बाबा के आसपास ही नहीं दूर दराज से हिंदू मुस्लिम जायरीन सवामणि लेकर आते हैं और मुरादे मांग कर जाते हैं जब उनकी ख्वाहिश पूरी हो जाती है तब वो बाबा के यहां आकर चूरमा दाल बाटी करते है चद्दर पेश कर बाबा का शुक्रिया अदा करते हैं
बुजुर्गानेद्दीन के खिदमतगार सलीम शाह ने बाबा कि शान मे शायराने अंदाज़ मे कहा कि.हद तपे सौ ऑलिया बेहद तपे सो पीर, हद बेहद दोनों तपे ताको नाम फकीर।
बुजुर्गानेद्दीन के खिदमतगार मुमताज बाबा ने बाबा कि शान मे शायराने अंदाज़ मे कहा कि निगाहें वली में वो तासीर देखी, बदलती हुई रोज हजारों की तकदीर देखी।
शाम को बाबा के लाजवाब लंगर वितरण किया गया जिसमें हिंदू मुस्लिम सब समुदाय के लोगों ने शिरकत की।
शाम को चद्दर पेश की गई इसमें सभी समाज के लोगों ने शिरकत कि व बाबा से दुआएं करते हुए भारत में अमन चैन की दुआएं मांगी। फज्जू शाह व इरफ़ान शाह ने बताया कि दरगाह परिसर को आकर्षक व मनमोहक विद्युत सजावट से दूल्हे कि भांति सजाया गया है। इस अवसर पर मुराद खान मोहम्मद रफीक खान मोहम्मद सलीम मनियार सईद खान बूंदु खान आबिद खान चौहान ताला से सूफ़ी अब्दुल रज्जाक खान शेख आदि उपस्तिथ थे।