
ए एच लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। मनोहरपुर कस्बे में बंदरों का आतंक अब लोगों के सब्र का बांध तोड़ चुका है। बंदरों की टोली इतनी बेखौफ हो गई है कि जब महिलाएं छतों पर खाना बना रही होती हैं तो छबड़ी में रखी सभी रोटियां उठाकर ले जाते हैं। अगर महिलाएं विरोध करती हैं तो बंदर उन्हें धक्का देकर छत से गिरा कर घायल देते हैं।
इमरान आजाद ने बताया कि उनकी भांजी मासूम चाहत को भी बंदरों के झुंड ने घेरकर काटने की कोशिश की और हाथ पर नोच कर घायल कर दिया। कई महिलाओं के साथ भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कमर तोड़ महंगाई में वैसे ही इंसानों का जीना दुश्वार हो गया है। एक तरफ इंसान महंगाई से लड़ रहा है, दूसरी तरफ बंदरों से लड़ रहा है। दिन भर काम धंधे से हारा थका इंसान जब घर आता है तो उसे इन बंदरों से मुकाबला करना पड़ता है।
लोगों का कहना है कि बंदर अब झुंड में आते हैं, रसोई तक में घुस जाते हैं, खाने पीने का सामान उठा ले जाते हैं और छतों पर रखी ईंटों को नीचे फेंक कर लोगों को चोटिल कर देते हैं।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और नगरपालिका से मांग की है कि जल्द से जल्द बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया जाए और उन्हें जंगल में छोड़ा जाए, ताकि आम जन को राहत मिल सके।