
जाफर लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। दिगराज सिंह शाहपुरा ने कहा कि सुराणा में आग ने कानाराम की झोपड़ी ही नहीं जलाई, उसके सपनों को भी राख कर दिया। अब देखना है कि प्रशासन की मदद की ‘लौ’ कितनी जल्दी इस परिवार के अंधेरे को रोशन करती है। यह शब्द दिगराज सिंह शाहपुरा ने सुराणा के कानाराम के घर पर आग लगने से काफी नुकसान होने पर कहे!
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुराणा गांव के बावरियों की ढाणी में बुद्धवार को अचानक लगी आग ने एक गरीब परिवार की पूरी गृहस्थी उजाड़ दी। कच्ची झोपड़ी देखते ही देखते आग का गोला बन गईं। हादसे में पांच बकरियां, तीन बकरी के बच्चे, घरेलू सामान और जरूरी कागजात जलकर राख हो गए।
पल भर में छिन गया सब कुछ
पीड़ित कानाराम पुत्र मख्खन लाल के घर अज्ञात कारणों से आग भड़क उठी। तेज लपटों ने टीन शेड और साथ बनी कच्ची झोपड़ी को चपेट में ले लिया। कानाराम की आंखों के सामने उसकी पांच बकरियां और तीन नन्हे मेमने तड़प-तड़प कर आग में खाक हो गए।
घर में रखे अनाज, बिस्तर, कपड़े, बर्तन और जमीन-आधार-राशन कार्ड समेत सभी जरूरी कागजात भी जल गए। कानाराम का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पत्नी-बच्चे सदमे में हैं।
दमकल ने पाया काबू, पर तब तक सब खत्म
ग्रामीणों की सूचना पर दमकल मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक झोपड़ी, टीन शेड और मवेशी पूरी तरह खाक हो चुके थे। ASI लालू राम मय जाप्ता भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
दिग्गराज सिंह पहुंचे मौके पर, SDM को लगाया फोन
हादसे की सूचना मिलते ही समाजसेवी दिग्गराज सिंह शाहपुरा तत्काल बावरियों की ढाणी पहुंचे। पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और मौके से ही एसडीएम से फोन पर बात करके पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा दिलवाने और हरसंभव मदद करने के लिए कहा।
दिग्गराज सिंह ने प्रशासन से इस हादसे की पूरी जांच करवाने की मांग भी करी।
सिंह ने कहा, “कानाराम के पास न छत बची, न रोजी-रोटी का सहारा। सरकार की योजनाओं में तुरंत राहत मिलनी चाहिए। हम समाज के लोग भी मदद करेंगे, पर प्रशासन की जिम्मेदारी पहले है।”
गांव में पसरा मातम, चंदे की तैयारी
हादसे के बाद बावरियों की ढाणी में मातम पसर गया। सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर भी मदद की जाएगी। ग्रामीणों ने आपस में चंदा कर पीड़ित परिवार को राशन-पानी और तिरपाल देने की तैयारी शुरू कर दी है।