जीतने वाले को बधाई, हारने वाले को मेहनत का संकल्प लेना चाहिए – रोहन कुड़ी

जाफर लोहानी
www.daylifenews.in
मनोहरपुर (जयपुर)। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय टोड़ी मनोहरपुर शाहपुरा में चल रही 70वीं जिला स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता सत्र 2026-27 का आज हर्षोल्लास के साथ समापन समारोह आयोजित किया गया। तीन दिनों तक विद्यालय का खेल मैदान पहलवानों के दांव-पेंच और जोश से गूंजता रहा।
अतिथियों का भव्य स्वागत
समारोह के मुख्य अतिथि भामाशाह एडवोकेट मोहन लाल कुड़ी के सुपुत्र रोहन कुड़ी रहे। अध्यक्षता प्रतियोगिता संयोजक एवं प्रधानाचार्य मदनलाल रैगर ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी सीताराम धाबाई एवं अमर सिंह धाबाई मंचासीन रहे।
विद्यालय परिवार एवं जिले भर से आए शारीरिक शिक्षकों ने प्रधानाचार्य मदन लाल रैगर एवं स्थानीय शारीरिक शिक्षक राम किशोर यादव का साफा पहनाकर, माल्यार्पण कर एवं गमछा पहनाकर भव्य स्वागत किया। मंच संचालन वरिष्ठ अध्यापक देवी सहाय जाट ने किया।
भामाशाहों ने दिल खोलकर की सेवा
इस अवसर पर भामाशाह मोहन लाल कुड़ी की ओर से मुख्य अतिथि रोहन कुड़ी द्वारा प्रतियोगिता में प्रतिनियुक्त समस्त निर्णायक स्टाफ एवं स्थानीय विद्यालय स्टाफ को सम्मान स्वरूप एक-एक ऑफिस बैग भेंट किया गया।
विशिष्ट अतिथि सीताराम धाबाई द्वारा समस्त विद्यार्थियों एवं स्टाफ को जलेबी, कचौरी एवं समोसा का अल्पाहार करवाया गया। वहीं अमर सिंह धाबाई द्वारा संस्था प्रधान सहित समस्त स्टाफ को गमछा व दो-दो पेन तथा विद्यार्थियों को कॉपी, पेन और चप्पल वितरित की गई।
मुख्य अतिथि रोहन कुड़ी ने कहा
अपने उद्बोधन में रोहन कुड़ी ने कहा कि, मेरे पिताजी एडवोकेट मोहन कुड़ी का सपना है कि शिक्षा और खेल को बढ़ावा मिले। जो बच्चा अखाड़े की मिट्टी में पसीना बहाता है, वो जीवन में कभी हारता नहीं। आज के पहलवान ही कल जिले का नाम रोशन करेंगे। जीतने वाले को बधाई, हारने वाले को अगली बार और मेहनत का संकल्प लेना चाहिए, क्योंकि खेल भावना ही सच्ची जीत है।
प्रधानाचार्य मदनलाल रैगर ने जताया आभार
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रधानाचार्य मदन लाल रैगर ने कहा कि, यह प्रतियोगिता मेरे अकेले की नहीं, पूरे विद्यालय परिवार और भामाशाहों के सहयोग से सफल हुई है। मैं विशेष रूप से भामाशाह मोहन लाल कुड़ी, सीताराम धाबाई और अमर सिंह धाबाई का तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने तन-मन-धन से हमारी मदद की। सभी शारीरिक शिक्षकों ने जो मान-सम्मान दिया, उसे मैं जीवन भर नहीं भूलूंगा। अंत में विद्यालय प्रशासन ने कहा कि विद्यालय परिवार आपका हार्दिक अभिनन्दन और स्वागत करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *