मातृत्व संस्कार समागम – परम्परा, प्रगति एवं परिपक्वता का संगम

विश्वमांगल्य सभा प्रान्त जयपुर प्रान्तीय अधिवेशन
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जयपुर। इन्दिरा गांधी पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास संस्थान, जेएलएन मार्ग, जयपुर में किया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. मन्जू बाघमार, राज्य मंत्री, महिला एवं बाल विकास विभाग व लोक निर्माण विभाग, राजस्थान सरकार तथा विषिष्ठ अतिथि श्रीमती मन्जू शर्मा, सांसद, जयपुर शहर और कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती राखी राठौड, प्रदेषाध्यक्ष, महिला मोर्चा, भारतीय जनता पार्टी, राजस्थान ने करी।
विष्वमांगल्य सभा की जयपुर प्रान्त की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता राजोरिया ने बताया कि विष्वमांगल्य सभा एक राष्ट्रव्यापी संगठन है, जिसकी स्थापना 19 जनवरी 2010 को नागपुर में आचार्य जितेन्द्र नाथ की प्रेरणा से हुई। विश्व का प्रत्येक परिवार इस संगठन का कार्यक्षेत्र है और प्रत्येक परिवार की मातृषक्ति इस संगठन के कार्यक्षेत्र का केन्द्र बिन्दु है। आज इस संगठन के जयपुर प्रान्त के प्रान्तीय अधिवेषन का आयोजन किया गया। जिसका उद्देष्य अथवा केन्द्र बिन्दु ‘‘युगानुकूल मातृत्व पर चिंतन’’ था। इस अधिवेशन में युगानुकूल मातृत्व पर विषेष उद्बोधन विष्वमांगल्य संभा की राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. वृषाली जोशी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
डॉ. वृषाली जोशी शारदा देवी, रानी लक्ष्मीबाई, मां पन्नाधाय समेत अनेक माताएं हमारी आदर्श हैं, जिनके दिखाए मार्ग पर चल कर हम प्रेरणा, कर्त्तव्यनिष्ठा तथा दूरदर्षिता के महान तत्व समाहित कर सकते हैं। विष्वमांगल्य सभा ने विषेश रूप से मातृशक्ति के 04 स्तम्भों की अवधारणा ‘‘संस्कार, सामर्थ्य, सेवा तथा सदाचार’’ पर ध्यान केन्द्रित किया है। इस संगठन का लक्ष्य बृहद है, इसलिए हम देश ही नहीं सम्पूर्ण विश्व में प्रत्येक माँ को अपने साथ जोडने का प्रयास कर रहे हैं। विश्व मांगल्य सभा का संकल्प है प्रत्येक घर में ऐसी माँ विकसित करें, जो अपने परिवार को संस्कार और नैतिकता के प्रकाष से नेतृत्व दे सकें, ताकि हर घर महापुरूषों के निर्माण का शक्तिकेन्द्र बनें। एक सशक्त माँ ही उन्नत परिवार से लेकर विकसित समाज व समृद्ध राष्ट्र और सच्चे अर्थों में सम्पूर्ण विश्व की सुदृढ नींव स्थापित कर सकती है।
इस अधिवेषन में समाज से जुडे हुए विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्र यथा ज्ञान, कला, उद्यम, सेवा, शक्ति, मातृत्व और धर्म के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली सप्त माताओं का सम्मान किया गया।
प्रांत अधिवेशन एवं मातृ सम्मेलन में “सप्त मातृत्व सम्मान” संपन्न – जयपुर प्रांत में आयोजित भव्य प्रांत अधिवेशन एवं मातृ सम्मेलन गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाज जीवन के विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को “सप्त मातृत्व सम्मान” से अलंकृत किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. वृषाली जोशी, अखिल भारतीय महिला संगठन मंत्री पूजा देशमुख, अखिल भारतीय महासचिव प्रियंका शुक्ला, विश्व मांगल्य सभा जयपुर प्रांत की अध्यक्ष सुनीता मनोज राजोरिया, उपाध्यक्ष नीता बूचरा तथा जयपुर प्रांत सचिव पूजा शर्मा सहित अन्य विशिष्ट पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
अधिवेशन के अंतर्गत “सप्त मातृ शक्ति” के रूप में निम्न प्रेरणादायी महिलाओं को उनके विशिष्ट योगदान हेतु सम्मानित किया गया—
शक्ति – दीप्ति शर्मा
मातृत्व – कृष्णा देवी सारडीवाल
उद्यम – मंजू अग्रवाल
सेवा – डॉ. मधु गुप्ता
शिक्षा – रूपल पोद्दार
कला – डॉ. लीला बोर्डिया
धर्म – प्रियंका मोदी
इन सभी सम्मानित मातृ शक्तियों ने सामान्य जीवन में रहते हुए अपने-अपने क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य कर समाज को नई दिशा प्रदान की है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने अपने उद्बोधन कहा कि मातृत्व केवल परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि यह समाज निर्माण की आधारशिला है। नारी अपने विभिन्न रूपों—शक्ति, सेवा, शिक्षा, उद्यम, कला एवं धर्म—के माध्यम से राष्ट्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम का उद्देश्य मातृत्व के विविध आयामों को सम्मानित करना तथा समाज में सकारात्मक प्रेरणा का संचार करना रहा। अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, सम्मानित मातृ शक्तियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।

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