नगर निकायों में फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत हुये और भारी भ्रष्टाचार : डोटासरा

www.daylifenews.in
जयपुर। प्रदेश में पहली दफा न्यायालय के समक्ष अवमानना के प्रकरण में नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराने के आदेश हुये और कलेण्डर जारी हुआ, यह प्रदेश का दुर्भाग्य है। डेढ़ साल से भाजपा द्वारा प्रदेश में नगर निकायों में प्रशासक लगाकर ब्यूरोक्रेसी के माध्यम से भ्रष्टाचार किया जा रहा था। भाजपा सरकार ने ओबीसी आयोग बनाकर रिपोर्ट में देरी करवाकर नगर निकाय के चुनाव आगे सरकाये, उससे पूर्व मनमाना परिसीमन इस प्रकार किया गया कि कहीं तीन वार्ड मिलाकर एक वार्ड बना दिया और कहीं एक वार्ड के तीन टुकड़े कर दिये जिस कारण वार्डों के मतदाताओं में भारी अन्तर देखने को मिल रहा है, तीन गुना तक मतदाताओं की संख्या का अंतर हो गया है। नगर निकायों में प्रशासक लगाकर प्रशासन शहरों के संग अभियान चलाया जिसका लाभ किसी नागरिक को नहीं मिला। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बाद वार्डों की लॉटरी निकालने में भी बेईमानी की गई, सत्तर साल में जब से 73वां व 74वां संविधान संशोधन हुआ है पहली बार पूर्व की तरह जब नगर निगम, नगर परिषद् और नगरपालिका की आरक्षण की लॉटरी अलग-अलग निकलती थी उसे बदलकर पहली बार सबको मिलाकर आरक्षण की लॉटरी निकाली गई जिसका परिणाम यह हुआ कि दस नगर निगम में एक भी अनुसूचित जाति और जनजाति के लिये आरक्षण नहीं है, केवल एक ओबीसी महिला का आरक्षण हुआ है। छोटी नगर निकायों में अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी को आरक्षण मिला है किन्तु उसमें भी ओबीसी का आरक्षण जो अब तक 21 प्रतिशत मिल रहा था उसमें कटौती कर आरक्षण 18 प्रतिशत कर दिया गया है। उक्त विचार राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने आज प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुये व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि लगभग 30 वर्षों से जयपुर में नगर निगम में बीच के ढाई-तीन वर्ष छोड़ दें तो भाजपा का बोर्ड बन रहा है। 12 साल से केन्द्र में मोदी जी की सरकार है और अभी ढाई वर्ष और गत् सरकार से पूर्व 5 वर्ष भाजपा की प्रदेश में सरकार रही है, उसके बावजूद जयपुर के हालात बदतर है, सडक़ों में गढ्ढे हैं, आवागमन में आधे घण्टे की दूरी टे्रफिक जाम के कारण तीन-चार घण्टे की हो गई है। बंदर, आवारा पशुओं का शहर में आतंक हो गया है, अपराधियों का आंतक हैं, भ्रष्टाचार का आतंक है, जयपुर में चाहे नगर निगम हो अथवा जेडीए हो भ्रष्टाचार की सारी सीमायें टूट गई है, अन्य नगर निकायों में भी जो ग्रांट का पैसा सरकार को देना चाहिये था नहीं दिया जा रहा है। गत् कांग्रेस सरकार के समय 24 हजार से अधिक सफाई कर्मियों की भर्ती हेतु विज्ञापन निकाला गया था, उसके बाद भाजपा सरकार ने इसी भर्ती के लिये तीसरी बार विज्ञापन निकाल दिया, किन्तु ढाई साल में एक भी भर्ती नहीं की। माह अगस्त में जो सफाई कर्मियों की भर्ती निकाली गई है उसमें इतनी शर्तें जोड़ दी कि मात्र चार हजार ही आवेदन भर्ती हेतु मिले हैं जिसका तात्पर्य यह है कि 24 हजार भर्तियों को निकालने की केवल नौटंकी की गई है, मौजूदा शर्तों के अधीन यह भर्ती नहीं हो सकती है। इससे पूर्व भाजपा ने सफाई कर्मियों की भर्ती के एक साल संविदा के रूप में कार्य करने के अनुभव की शर्त लगाई थी, उस समय सभी नगर निकायों में फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत हुये और भारी भ्रष्टाचार हुआ था, आवेदनकर्ता लुट गये लेकिन भर्ती नहीं हुई थी।
पीसीसी चीफ ने कहा कि भाजपा ने नगर निकाय चुनावों के लिये घोषणा की है कि एक लाख प्लॉट दिये जायेंगे, प्रश्र यह है कि भाजपा के विधानसभा चुनाव में जारी संकल्प पत्र यही घोषणा थी तो यह घोषणा अब तक ढाई वर्ष पूर्ण होने पर भी पूरी क्यों नहीं की गई। यह भी घोषणा हुई है कि पीएनजी के सात लाख कनेक्शन दिये जायेंगे, जबकि शहरों के अंदर पीएनजी देने की घोषणा वर्ष 2021-2022 में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने की थी और इस पर कार्यवाही भी चालू हो गया था। यह भाजपा की उपलब्धि नहीं है, गत सरकार के कार्यो को अपनी उपलब्धि भाजपा बताना चाहती है। आज शहर में एलईडी लाईट नहीं लग रही है, अंधेरे में महत्वपूर्ण शहर के मार्ग हैं, शिकायत के बावजूद सरकार में सुनवाई नहीं हो रही है। शहर में गंदगी के अम्बार लग रहे हैं, सफाई नहीं हो रही है, कुछ समय पूर्व भी सफाई करने वाली कम्पनी से कमीशन मांगने का ऑडियो-वीडियो सामने आया था और अब भी सफाई के टेण्डरों में भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है, इससे निन्दीय बात कोई हो नहीं सकती है। शहर में 30 साल से भाजपा का बोर्ड होने के बावजूद ना सफाई कर पा रहे हैं, ना विकास कर पा रहे हैं, तो भाजपा किस आधार पर नगर निगम में अपना बोर्ड बनाने के लिये जनता से वोट मांग रही है। बार-बार मास्टर प्लान के टेण्डर निरस्त हो रहे हैं, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे हैं। गत् कांगे्रस सरकार ने हाउसिंग बोर्ड को अनेक अधिकार दिये थे, जिसके परिणामस्वरूप हाउसिंग बोर्ड का राजस्व 4,200 करोड से अधिक हो गया था, जयपुर में कॉन्स्टीटूयशन क्लब, विधायक आवास हाउसिंग बोर्ड ने बनाये किन्तु अब जिस प्रकार भाजपा की पूर्व मुख्यमंत्री ने हाउसिंग बोर्ड को बंद करने की योजना बनाई थी, उसी पर यह सरकार आगे बढ़ रही है, एक भी कार्य वर्तमान भाजपा सरकार ने हाउसिंग बोर्ड को नहीं दिया है। जेडीए में पत्रकारों की एन्ट्री बंद कर दी, वहॉं भ्रष्टाचार का बोलबाला है, अधिकारी अपनी सीट पर बैठकर भ्रष्टाचार का पैसा ले रहे हैं, ऐसा ताण्डव राजस्थान में कभी नहीं देखा जो आज भाजपा शासन में प्रदेशवासियों को देखना पड़ रहा है। भाजपा ने नगर निकायों के चुनाव ना कराकर तो कुठाराघात किया ही, ग्रांट का पैसा भी रोककर प्रदेश के हितों पर भारी प्रहार किया है। 15वें वित्त आयोग के आधार पर वर्ष 2023-24 का 29.20 करोड़ रूपया देय था लेकिन कुछ भी नहीं दिया गया, इस प्रकार वर्ष 2024-25 में 30.66 करोड़ रूपया देय था किन्तु कुछ नहीं दिया गया, वर्ष 2024-25 में कुल 1779.07 करोड़ रूपया था, इसमें केवल 1424.27 करोड़ रूपया ही दिया गया और 2025-26 का 1818.47 करोड़ रूपये में से मात्र 1225.06 करोड़ रूपये ही ग्रांट के दिये गये। इसी प्रकार अरबन हैल्थ एवं बेलनेस सेन्टर के वर्ष 2024-25 के 117 करोड़ में से कोई राशि नहीं दी गई। छठे वित्त आयोग कमीशन के तहत् वर्ष 2025-26 के 2286.02 करोड़ रूपये में से 1085 करोड़ रूपये ही जारी किये गये हैं। बेसिक ग्रांट के तहत् 2025-26 के 2171.72 करोड़ रूपये में से मात्र 1085.86 रूपये ही जारी हुये। भाजपा की सरकार ने ना तो चुनाव कराये, ना ही इन्हें विकास से सरोकार था, ना ही सफाई करवाई, ना सफाई कर्मियों की भर्ती की और ना ही ग्रांट की राशि दी। इन सबसे बड़ी बात यह है कि विधानसभा चुनाव के पश्चात् जब लोकसभा चुनाव हुये तो प्रदेश के स्वायत्त शासन मंत्री की शक्तियां सीज कर ली और अधिकतर शक्तियां नौकरशाही को दी गई, जो आज की तारीख में भी प्रदेश के स्वायत्त शासन मंत्री के पास कोई महत्वपूर्ण फाईलें नहीं जाती है, ऐसा राजस्थान में पहली बार हुआ है कि चुने हुये जनप्रतिनिधि और मंत्रियों तक की सुनवाई ब्यूरोक्रेसी नहीं कर रही है जिसका ताजा उदाहरण यह है कि सीकर में मास्टर प्लॉन डेढ़ साल तक जिसका गजटनोटिफिकेशन ही निकलना था को जॉंच के नाम रोके रखा गया, विधानसभा में घोषणा की गई माह दिसम्बर, 2025 में जारी हो जायेगा, किन्तु आज दिन तक यह मास्टर प्लॉन लागू नहीं हुआ और मंत्री महोदय कब लागू होगा, यह बताने में सक्षम नहीं है। मनमर्जी से इस विवाद में ट्रांसफर हो रहे हैं, 12 अधिकारी एपीओ किये गये हैं, क्योंकि उनके माध्यम से लेन-देन का कार्य होता है, इसलिये उन्हें दूसरी जगह लगाने की बजाये एपीओ किया गया है ताकि उन्हें जहॉं वे कार्य कर रहे थे, उसी स्थान पर लगाया जा सके।
उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार जिस प्रकार तानाशाही कर रही है, वह निन्दनीय है, लोकतंत्र पर प्रहार है, बीकानेर के देशनोक में कांग्रेस के उम्मीदवार ओमप्रकाश मूंदड़ा है उनके विरूद्ध वर्ष 2024 में किसी भाजपा कार्यकर्ता से शिकायत ली गई, कोई कार्यवाही अब तक नहीं हुई, भाजपा ने लगातार पार्टी में शामिल होने का दबाव बनाती रही, किन्तु जब उन्होंने कांग्रेस से उम्मीदवार बनकर पर्चा भरा तो उनके खिलाफ दबाव बनाने के लिये एसीबी का मुकदमा दर्ज करा दिया गया और चुनाव ना लडऩे के लिये प्रताडि़त किया जा रहा है। मालपुरा में सरकार के मंत्री द्वारा एक महिला प्रत्याशी का दबाव डालकर नामांकन वापस करवा दिया, डीग में भी ऐसा हुआ, पाली में जो भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का गृह क्षेत्र है, वहॉं भी अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर कांग्रेस के उम्मीदवारों को डराया-धमकाया गया। नाथद्वारा में जो महिला प्रत्याशी नामांकन वापस लेने जा रही थी, उसे पुलिस उठाकर ले गई, भरतपुर और भीलवाड़ा में कांग्रेस प्रत्याशियों के सिम्बल 2 बजकर 47 मिनट पर कक्ष में पहुॅंच गये थे, किन्तु उन्हें कहा गया कि अभी भाजपा वालों के ले रहे हैं आपके उसके पश्चात् लेंगे, लेकिन उसी कक्ष में मौजूद रहने के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशियों के सिम्बल नहीं लिये गये, यह सत्ता का दुरूपयोग है, जबकि बसेड़ी में रात्रि 9 बजे तक फार्म और सिम्बल लिये गये। भाजपा शासन में नगर निकायों में आम आदमी का कोई काम नहीं हो रहा है, केवल भ्रष्टाचार हो रहा है, प्रशासन शहरों के संग अभियान पूर्णतया नाकाम रहा है, जिन नियमों के तहत् कांग्रेस पूर्ववर्ती सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिये छूट प्रदान की थी उन पर सरकार की निष्क्रियता और कमजोर पैरवी के कारण राजस्थान उच्च न्यायालय से स्टे आ गया और आज की तारीख तक भाजपा की सरकार ने इस स्टे को हटवाने के लिये कुछ नहीं किया है। कच्ची बस्तियों का नियमन, सुओमोटो 90ए आदि जितने भी गरीब का लाभ देने वाले कॉलम थे, चाहे पट्टे में छूट देने आदि पर आज भी स्टे चल रहा है। हमारी सरकार ने 85 प्रतिशत तक शुल्क में छूट पट्टों पर प्रदान की थी, इन्होंने उसे घटाकर 25 प्रतिशत ही कर दिया था उस पर भी न्यायालय का स्टे है और यह सरकार इस स्टे को हटाने के लिये पैरवी तक नहीं कर रही है। ऐसी परिस्थिति में भाजपा किस मुॅंह से लोगों के बीच चुनाव में जायेगी। कांग्रेस पार्टी द्वारा सभी जनप्रतिनिधियों को संगठन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की सहमति के आधार पर नगर निकाय चुनावों में अपने प्रत्याशी उतारे गये हैं, जिसमें 40 वर्ष से कम उम्र के प्रत्याशी 49.33 प्रतिशत हैं, 50 वर्ष से कम आयु के कांग्रेस प्रत्याशी 76.25 प्रतिशत है और 50 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्याशी मात्र 23.75 प्रतिशत है, जबकि कांग्रेस के संविधान में 50 वर्ष से कम आयु के लोगों को 50 प्रतिशत की भागीदारी देने थी, ओबीसी का आरक्षण 19.91 प्रतिशत है, किन्तु कांग्रेस पार्टी द्वारा 48.15 प्रतिशत ओबीसी वर्ग के प्रत्याशी उतारे हैं, अनुसूचित जाति के 18.30 प्रतिशत आरक्षण की तुलना में 21.81 प्रतिशत की भागीदारी प्रत्याशियों में दी गई है, अनुसूचित जनजाति 4.04 प्रतिशत आरक्षित की बजाये 5.23 प्रतिशत प्रत्याशी कांग्रेस ने इस वर्ग से उतारे हैं। कांग्रेस पार्टी द्वारा सभी वर्गों को जो आज जनसंख्या के आंकड़े हैं उसके अनुसार प्रतिनिधित्व करने का मौका प्रत्याशी बनाकर दिया है।
श्री डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी नगर निकाय चुनाव पश्चात् बोर्ड बनाकर प्रदेश में स्थानीय सरकारों के माध्यम से सुशासन देगी, इसलिये पार्टी ने संकल्प लिया है कि

  1. कांग्रेस सरकार के शासन में अभियान चलाकर पट्टों का वितरण किया गया था, पर पुन: कार्य करते हुये पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के शासन में चलाये गये अभियान के अनरूप पट्टों का वितरण किया जायेगा। कच्ची बस्ती नियमन स्वयं की पुश्तैनी रिहायशी भूमि पर धारा 69-ए भूमि रूपांतरण आदि के कार्य करवाये जायेंगे। कांग्रेस पार्टी द्वारा पूर्व में 500 वर्ग व 300 वर्ग गज के पट्टों पर छूट देकर नागरिकों को लाभान्वित किया गया था, उसी प्रकार आगे भी लाभान्वित करने का संकल्प लिया गया है।
  2. यूडी टैक्स पर पुनर्विचार कर जनहित में इसे तर्क संगत बनाया जायेगा। सीसी रोड, जल निकासी की समस्या का निराकरण प्राथमिकता से किया जायेगा।
  3. जिन सफाई कर्मियों की भर्ती भाजपा के कार्यकाल में नहीं हुई, वे भर्ती पूरी की जायेगी और हर वर्ष निकाय में जरूरत के अनुसार भर्तियां निकाली जायेगी जिससे सफाई व्यवस्था मजबूत होगी और सफाई कर्मियों को रोजगार मिलेगा।
  4. घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था नि:शुल्क की जायेगी और इसकी प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जायेगी।
  5. जहॉं सीवरेज लाईन नहीं है, वहॉं नई सीवरेज लाईन बिछायी जायेगी।
  6. आवश्यकता अनुसार एसटीपी बनाये जायेंगें।
  7. जहॉं मास्टर प्लॉन नहीं है वहॉं मास्टर प्लॉन आमजन से सुझाव लेकर बनाये जायेंगे।
  8. स्ट्रीट लाईट और एलईडी लाईट की व्यवस्था की जायेगी।
  9. नगर निकायों द्वारा किये जाने वाले कार्यों की प्रक्रिया व संबंधित नियमों की जानकारी पारदर्शिता के वैब साईट पर डाली जायेगी ताकि सभी नागरिकों को क्या कार्य किये जा रहे हैं उसका क्या स्टेटस् है इसकी जानकारी मिल सके। साथ ही आम जनता के कार्यों के आवेदन भी ऑनलाईन ही लिये जायेंगे जिसकी प्रगति की जानकारी उक्त वैब साईट पर देने की व्यवस्था की जायेगी ताकि भ्रष्टाचार पर रोकथाम हो और पारदर्शिता के साथ कार्य हो सके।
  10. हर क्षेत्र में मूलभूत ढांचे के निर्माण का कार्य प्राथमिकता से किया जायेगा, जिस प्रकार कोटा शहर में रीवर फ्रंट, जयपुर में भारत जोड़ो सेतु बनाया गया है, ऐसे ही कार्य करवाये जायेंगे।
    श्री डोटासरा ने कहा कि इन संकल्पों के साथ सभी 309 निकायों के लिये जिला कांग्रेस कमेटियों द्वारा स्थानीय मुद्दों को लेकर नगर निकाय चुनाव हेतु घोषणा पत्र जारी किये जायेंगे। कांग्रेस पार्टी भाजपा के कुशासन को उखाड़ फेंकने के लिये कृत संकल्प है और प्रदेशवासियों को भ्रष्टाचार मुक्त स्थानीय निकायों द्वारा विकास प्रदान करने के लिये कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता एकजुटता के साथ चुनावों में जनता के बीच मत एवं समर्थन प्राप्त करने के लिये जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *